बड़ौत (बागपत)।
रविवार को आर्य समाज मधुबन में यज्ञ हुआ। सत्यपाल राठी के आवास पर हुए यज्ञ में सभी आर्यजनों ने राष्ट्र की उन्नति की कामना की। यज्ञमान योगेश कुमार राठी सपत्नीक रहे। यज्ञ के पुरोहित सुनील कुमार शास्त्री ने कहा कि जिस घर में ब्रहा यज्ञ, अग्निहोत्र, पितृयज्ञ, बलिवैश्व देव यज्ञ व अतिथि यज्ञ होते है, वहीं स्वर्ग है। जब से हमारे परिवारों में से पंच महायज्ञ होने बंद हुए हमें दुखों और दरिद्रता ने घेर लिया है। उन्होंने कहा कि गृहस्थाश्रम को सब आश्रमों में ज्येष्ठ व श्रेष्ठ इसीलिए माना गया है कि इसमें सभी पांच महायज्ञ करने का अधिकारी मनुष्य बनता है। आओ हम वेदों के बताए रास्ते पर चले और श्रेष्ठ बने और दूसरों को श्रेष्ठ बनाने का संकल्प करें। इसमें सुशील चौधरी, मुकेश तोमर, महेंद्र सिंह डबास, जयपाल सिंह राठी, वरुण राठी, अमित राठी, सोमपाल सिंह तोमर, महेंद्र पाल चौहान, डॉ. चौहल सिंह, हरेंद्र राठी, गौरव डबास, रीता देवी, बबीता, निर्मला देवी, पूजा देवी, अनमोल, गौतम, हरपाल सिंह, विनोद, कृष्णा, वीरमति, राजेंद्री, राजेश, सुनीता, अनिता, जगवती, बिट्टू, संजोली, घोलू, सुखपाल राठी आदि रहे।
संयमी पुरुष ही कर सकता है यज्ञ का संचालन - अंग्रिस मुनि
बड़ौत (बागपत)।
आर्य समाज पट्टी चौधरान में आर्य समाज ने यज्ञ किया। यज्ञ के ब्रहा मित्रमुनि और यज्ञमान हरवीर सिंह रहे। यज्ञ में अंग्निरस मुनि ने कहा कि वैदिक पद्धति में यज्ञ का संचालन संयमी पुरुष ही कर सकता है। पूजा करने के लिए पूूज्य को जानना अनिवार्य है। दान से पहले देय वस्तु और अपने स्वत्व एवं लेने वालों की पात्रता का ज्ञान होना चाहिए। यज्ञ में हरपाल सिंह, विजेंद्र सिंह, ओमपाल, राजवीर सिंह, गौरव तोमर, चंद्रपाल सिंह, शशंाक, आर्यन, राजपाल, ओमप्रकाश, सुखपाल, सोहनवीर सिंह, विकास राठी, कपिल, उदयवीर, अमित तोमर, सचिन, रणपाल, दीपक आदि का सहयोग रहा।
दूसरी तरफ रेलवे रोड स्थित आर्य समाज भवन में यज्ञ का आयोजन किया। इसमें आर्यजनों ने आहुतियां दी। यज्ञमान राजेंद्र कुमार और ब्रह्मा आचार्य समर भानु रहे। यज्ञ में जसवीर मलिक, हरवीर सिंह, राजपाल आर्य, मोहन पाल, सत्यपाल, ओमपाल राठी, चंद्रपाल सिंह आदि रहे।