दोघट (बागपत)। यज्ञशाला दाहा में चल रहे बालिका योग एवं चरित्र निर्माण शिविर में छठे दिन बालिकाओं को बौद्धिकता का पाठ पढ़ाया और उन्हें लाठी चलाने का अभ्यास कराया।
शिविर में गुरुकुल बरनावा में योगाचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि भारतीय धर्म और दर्शन में योग का विशेष महत्व होता है। आध्यात्मिक उन्नति एवं शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी योग जरूरी है। योग एक कला है, जो हमारे शरीर, मन और आत्मा को एक साथ जोड़ता है। हमें मजबूत और शांतिप्रिय बनाता है। जिसका कारण व्यस्तता है। आधुनिक युग में योग की महत्ता बढ़ गई है। योग हमारे स्वास्थ्य को ठीक रखता है। स्वस्थ मन को अच्छी तरह से ध्यान केंद्रित करने में सहायता करता है। बालिकाओं को विशेष लाभ प्रदान करता है। बालिकाओं को लाठी एवं तलवार चलाना सिखाया गया। गुरुकुल चोटीपुरा से आई शिक्षिकाएं आभा आर्य, ज्योत्सना आर्य, रिचा आर्य आदि ने बालिकाओं को बौद्धिक ज्ञान के बारे में बताया। सविता आर्या, सतपाल आर्य, लोकिंद्र राणा, नीरज आर्य, यशवीर राणा, पप्पन राणा, सोमपाल राणा, मिंटू सहरावत, देवेंद्र राणा, नरेंद्र आर्य मौजूद रहे।