दाहा/अमीनगर सराय/छपरौली (बागपत)। किसानों का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह आज भी किसानों के दिलों में है। उनके कार्यों को किसान आज भी याद करते हैं।
हिसावदा के चौधरी करण सिंह कहते हैं कि उनके जैसा किसान नेता कोई दूसरा नहीं हो सकता। वह गरीबों को न्याय देते थे।
हिसावदा के ही चौधरी वीरेंद्र सिंह सिंह का कहना है कि किसान आज भी उन्हें याद करते हैं। उनके जैसा कोई दूसरा नहीं है।
तिलवाड़ा के सतेंद्र वैद्य का कहना है कि किसानों को नहर की पटरी से चलने का हक चौधरी चरण सिंह ने दिलाया, वह सच्चे किसान नेता थे।
छपरौली ने रोका था चौधरी साहब को संन्यास लेने से
छपरौली (बागपत)। छपरौली निवासी चौधरी जगत सिंह ने बताया कि चौधरी साहब ने एक दिन किसी किसी बात पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पार्टी से संन्यास लेने की जिद पर अड़ गए। हजारों लोग उनके आवास पर जमा हुए। छपरौली से वह खुद, रणधीर सिंह एवं सहदेव सिंह दिल्ली आवास पहुंचे। चौधरी साहब अपने अलग कमरे में बैठे थे, पूरी तरह से नाराज थे। जब छपरौली के लोग वहां पहुंचे तो सीधे उनके पास गए और कहा कि आपसे हम जुड़े हैं, हम आपके साथ, इसलिए संन्यास लेने का फैसला त्याग दें, काफी मशक्कत करने के बाद चौधरी साहब को आखिरकार मना लिया।
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