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अल्लाह की इबादत करने वालों के होते हैं गुनाह माफ

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बागपत। शब ए बरात पर मुस्लिम समाज के लोगों ने इबादत की। मस्जिद, कब्रिस्तानों में गुनाहों की माफी मांगी। मंगलवार की रात में शहर में शब- ए- बरात पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे।
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माह-ए-शाबान की रात को मुस्लिम समाज के लोग अपने गुनाहों की मगफिरत के लिए खुदा के सामने दुआ करते हैं। पुरखों की कब्र पर जाकर रोशनी भी की गई। शहर के पांडव रोड पर शरबत भी बांटा गया। शहर में जगह-जगह रोशनी का प्रबंध किया । बताते हैं कि इसी रात में अल्लाह की इबादत करने वालों के गुनाह माफ हो जाते हैं।
कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी में इस्लामी मदरसे में शब-ए- बरात पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें मुस्लिमों ने रात भर अल्लाह की इबादत कर अपने गुनाहों की माफी की दुआएं की। मौलवी हाजी जहीर अहमद ने कहा कि अल्लाह ताला अपने बंदों की जरा-जरा सी उनकी नेक आमाल पर मगफिरत फरमाते हैं। अल्लाह ताला अपनी खास रहम नाजिम फरमाते हैं। इस रात छह तरह के लोगों की मगफिरत नहीं फरमाते है। उन्होंने कहा कि नंबर एक मुसरोक, मां बाप की नाफरमानी करने वाले, शराबी, तुकुबर करने वाले, जीमा रखने वाला, तकनों से नीचे पेंट या पाजामा लटकाने वाले। आदमी जब तक तौबा न कर लें अल्ला ताला इस रात में साल भर के प ऊैसले सुनाते हैं। इसमें हाजी इसुफ खान, हाजी गफ्फार खान, सलीम टेलर, मीर साहब, मोहम्मद कासिम, अली हसन, मोहम्मद यूनुस, सब्बीर, अनवर खान, मोहम्मद उर्फ काले आदि रहे।
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