बागपत। भाजपा के दिग्गजों के प्रतिनिधियों के बीच फेस बुक और व्हाट्स एप पर चल रही सम्मान की लड़ाई शनिवार को सरेआम भी होती दिखी। बागपत, बड़ौत और भड़ल के कार्यक्रम में दोनों विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष नजर नहीं आए। इनकी, गैरहाजिरी की वजह तीनों ही कार्यक्रम में बुलावा नहीं मिलना बताया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का 30 मार्च को कार्यक्रम प्रस्तावित है। ऐसे में क्षत्रपों के बीच शुरू हुई अंदरूनी कलह से इस दिन भी तकरार खुलकर सामने आ सकती है।
शनिवार को केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह और प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बागपत के रोजगार मेले, बड़ौत में चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के अनावरण समारोह और भड़ल के एक स्कूल के समारोह में भाग लिया। बड़ौत विधायक केपी मलिक, बागपत विधायक योगेश धामा के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर इन तीनों ही कार्यक्रमों में नजर नहीं आए। जिलाध्यक्ष का कहना है कि उन्हें किसी ने कार्यक्रम का बुलावा ही नहीं दिया। भाजपा में संगठन महत्वपूर्ण है, लेकिन अगर उन्हें नहीं बुलाया तो वह कैसे जा सकते हैं। दोनों विधायकों के भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के पीछे यही वजह रही। शुक्रवार की रात में विधायकों को बुलावा नहीं देने का मामला लखनऊ तक गूंजा। प्रशासनिक अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे, लेकिन विधायक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, इससे जाहिर है कि भाजपा के दिग्गजों के बीच सब कुछ ठीक नहीं है।
फेस बुक पर डाला कार्यक्रम का पोस्टर
बागपत। विधायक योगेश धामा के प्रतिनिधि राजीव दांगी ने शुक्रवार की रात में फिर से फेस बुक पर एक पोस्ट की। इसमें दर्शाया गया कि विधायक को कार्यक्रम का न्योता नहीं दिया गया है।
इन्होंने कहा, भेजे थे निमंत्रण
बागपत। रोजगार मेले में पहुंचे सेवा योजन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी पीएल तिवारी का कहना है कि उनकी ओर से सभी को निमंत्रण भेजे गए हैं। दोनों विधायकों और जिलाध्यक्ष संजय खोखर को भी निमंत्रण भेजे गए थे।