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रिश्वत लेने पर जिला अस्पताल से अब स्टाफ नर्स को हटाया

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बागपत। जिला अस्पताल में एक ओर महिला कर्मी पर रिश्वत लेने और मनमर्जी करने पर गाज गिर गई है। आरोप है कि संविदा पर तैनात स्टाफ नर्स डिलीवरी के नाम पर अवैध वसूली करती थी। रुपये न मिलने पर सहीं इलाज न करने की उसकी वीडियो वायरल भी हो गई है। सीएमएस ने उसको अस्पताल से हटा दिया है। आरोपी के पति ने सीएमएस को फोन पर और कार्यालय में आकर अभद्रता कर धमकी दी।
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जिला अस्पताल में डिलीवरी कराने के नाम पर सीएमओ नेा तीन स्टाफ नर्स भेजी । जो संविदा पर तैनात हैं। इनमें से एक नर्स डिलीवरी के नाम पर रिश्वत मांगती थी। रुपये न मिलने पर सहीं इलाज नहीं करती थी। उसकी वीडियो भी वायरल हो गई । इसकी अफसरों के पास शिकायत पहुंची। बताया जाता है कि अफसरों ने उससे रिश्वत लिए गए रुपये भी दिलवाए। वह अस्पताल में अपनी मर्जी से आती जाती थी। इस पर संज्ञान लेकर सीएमएस ने स्टाफ नर्स को अस्पताल से हटा दिया है। इसके विरोध में सीएमएस के अभद्रता की गई। इस संबंध में सीएमएस ने सीएमओ को भेजे पत्र में बताया कि स्टाफ नर्स अस्पताल में विभिन्न कारणों से कभी भी अवकाश पर रह जाती थी। इस संबंध में पहले सूचना भी नहीं देती थी। उसके द्वारा डिलीवरी कराने के नाम पर रुपये लेने की शिकायतें मिलीं। इनमें से एक केस में तो उससे लिए गए रुपये भी दिलाए गए। उसको चार दिसंबर को अस्पताल से कार्य मुक्त कर दिया गया । इसके बाद उसके पति ने उनको फोन व कार्यालय में आकर अभद्रता की है। इस बारे में सीएमएस से फोन पर बात की गई तो बताया गया कि स्टाफ नर्स के पति उनको फोन पर धमकी दे रहे हैं। इसकी शिकायत अफसरों से कर दी गई है।

सीएमओ ने सीएमएस से मांगे साक्ष्य
सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा का कहना है कि स्टाफ नर्स के संबंध में सीएमएस ने उनको अवगत कराया है। सीएमएस से शिकायतों के साक्ष्य मांगे हैं। साक्ष्य मिलते हैं तो स्टाफ नर्स की संविदा समाप्त की जाएगी।
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एक के बाद एक कर्मचारी पर गिर रही गाज
बागपत। एक महिला ठेका कर्मी ने अल्ट्रासाउंड के नाम पर 100 रुपये रिश्वत ली । जो कैमरे में कैद हो गई । वीडियो वायरल पर संज्ञान लेते हुए उसको अस्पताल से निकाला गया। वहीं एक ठेका कर्मचारी ने एनआरसी में भर्ती एक बच्ची की मां के साथ छेड़छाड़ की। पता चलने पर सीएमएस ने उसको भी अस्पताल से हटा दिया।
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