बागपत। कड़ी चौकसी के बीच 13 केंद्रों पर हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई। पंजीकृत 11 हजार 539 अभ्यर्थियों में से विभिन्न कारणों के चलते 1306 ने परीक्षा छोड़ दी। सचल दस्ते दिनभर छापेमारी करते रहे। बारिश और जाम के कारण अभ्यर्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने परीक्षा केंद्रों के आसपास जमा भीड़ को खदेड़ा।
तीन जोन और पांच सेक्टरों में जिले को बांटकर बुधवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई गई। प्रथम पाली की परीक्षा से पहले मौसम की खराबी के चलते परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में अभ्यर्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्रत्येक केंद्र पर एंट्री से पहले अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की चेकिंग की गई। जिन अभ्यर्थियों के पास अधूरे प्रमाणपत्र थे, उन्हें लौटा दिया गया। एडीएम अमित कुमार सिंह और डीआईओएस ओमदत्त सिंह ने बताया कि 13 केंद्रों पर दोनों पालियों में परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई है। प्रथम पाली में प्राथमिक के 7234 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 851 ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक के 4305 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 455 अनुपस्थित रहे। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा हुई। प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। एएसपी अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली। भीड़ को मौके से हटाया गया।
उधर, परीक्षा के चलते बुधवार को अभ्यर्थियों की भीड़ के चलते सभी केंद्रों के बाहर जाम की स्थिति पैदा हो गई। रोड से लेकर मोहल्ले में वाहनों का लाइन लग गई। पुलिस ने मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। इसके बाद आसानी से अभ्यर्थी गणतव्य की ओर जा सके।
दुकानें बंद कराई, सचल दस्तों ने की छापेमारी
बागपत। जिले के परीक्षा केंद्रों के आसपास की कंप्यूटर, फोटो स्टेट और साइबर कैफे बंद करा दिए गए। 13 केंद्रों पर 900 कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए गए थे। 21 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 13 पर्यवेक्षक लगाए गए। चार सचल दल निगरानी करते रहे। डीएम शकुंतला गौतम, एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव, परीक्षा प्रभारी एडीएम अमित कुमार सिंह, एएसपी अनिल कुमार सिंह ने दिनभर परीक्षा की निगरानी की।
बीए पास पहुंच गए टीईटी का एग्जाम देने
बागपत। टीईटी परीक्षा देने के लिए ऐसे अभ्यर्थी भी पहुंच गए, जिन्होंने केवल बीएस पास किया था। बीटीसी या बीएड की डिग्री नहीं ली थी। ऐसे आवेदकों को परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया। श्री यमुना इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज के गेट पर काफी देर तक इस पर भीड़ जमा रही। ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया।
अधूरे प्रमाणपत्रों के साथ नो एंट्री, खूब हुई मान मनौव्वल
बागपत। परीक्षा के दौरान पूरे प्रमाणपत्र न लेकर पहुंचे अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा। केंद्रों पर पहुंचकर मान मनौव्वल की गई। केवल वेबसाइट से डाउनलोड किए गए प्रवेशपत्र में अंकित फोटोयुक्त आईडी, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के किसी भी सेमेस्टर के अंक पत्र की मूल पत्र की प्रमाणित प्रति या संबंधित प्रशिक्षण संस्था के रजिस्ट्रार, सक्षम अधिकारी द्वारा इंटरनेट से प्राप्त अंक पत्र की प्रमाणित प्रति लेकर आने वाले को ही परीक्षा में जाने दिया गया।
एग्जाम में मम्मी, फैमिली ने संभाले बच्चे
बागपत। महिला अभ्यर्थियों के परीक्षा में जाने के दौरान उनके छोटे बच्चों को रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस बीच परिवार के सदस्य बच्चों को संभालने में जुटे रहे। परीक्षा केंद्रों के आसपास परिवार के लोग बच्चों को संभाले रहे।
कोतवाली में डटे अभ्यर्थी और अभिभावक
बागपत। राजकीय इंटर कॉलेज में परीक्षा के दौरान अभिभावक और आधी परीक्षा समाप्त हो जाने के बाद अभ्यर्थी कोतवाली में डटे रहे। कॉलेज के बाहर बैठने की व्यवस्था नहीं होने से अभ्यर्थियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
मुसीबत बनीं बारिश, अभ्यर्थियों ने लगाई दौड़
बागपत। बुधवार सुबह बारिश ने अभ्यर्थियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। साढ़े आठ बजे तक तेज बारिश हुए और उसके बाद रिमझिम बारिश होती रही। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में मुसीबत झेलनी पड़ी। परीक्षा शुरू होने से एन वक्त पहले भी अभ्यर्थी पहुंचे। जो परीक्षार्थी आधे या एक घंटे की देरी से पहुंचे, उन्हें शामिल नहीं किया गया।