बड़ौत (बागपत)। जैनाचार्य अतिवीर महाराज ने कहा कि हमारी दृष्टि आज भी भारी वैभव पर टिकी हुई है। वे बुधवार को अजितनाथ मंदिर कमेटी के तत्वावधान मेें विहर्ष सभागार में धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन मेें सुख की तलाश में किसी भी हद तक चला जाता है। हम लोग जन्मों से यहां भटक रहे हैं और बाहर की दुनिया मेें रमे हुए हैं। न जाने हम लोगों ने कितने मंदिरों के दर्शन कर लिया और न जो कितने गुरुओं का प्रवचन सुन लिया और न जाने कितने शास्त्रों का स्वाध्याय कर लिया। लेकिन हमारी दृष्टि आज भी भारी वैभव पर टिकी हुई है। भीतर उतरने का कोई पुरुषार्थ हम जीवन मेें नहीं कर रहे लेकिन वास्तविक सुख तो अंत:करण में ही है। संचालन डॉ. श्रेयांस जैन और मांगे लाल जैन ने किया। सभा में सुभाष जैन, मुकेश जैन, वरदान जैन, अशोक जैन, संजीव जैन, सुदेश जैन, विनोद जैन, जयप्रकाश जैन, महेंद्र जैन, सतीश जैन मौजूद रहे। ब्यूरो
चौबीस तीर्थंकर विधान 15 से
बड़ौत । मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि 15 से 17 जून तक चौबीस तीर्थंकर विधान का भव्य आयोजन विहर्ष सभागार मेें होगा। 17 जून की रात्रि में आठ बजे से कवि सम्मेलन का आयोजन नमो प्रचार समिति के माध्यम से किया जाएगा। 17 जून को ही पंचमी के अवसर पर जैनाचार्य द्वारा वर्ष योग की घोषणा की जाएगी। ब्यूरो