बागपत। हिंडन और कृष्णा नदी के प्रकोप से 55 गांवों के लोग परेशान हैं। 17 गांव में कैंसर का प्रकोप है। स्वास्थ्य विभाग ने एनजीटी को भेजी रिपोर्ट में नदियों के पानी से गंभीर रोग नहीं होना बताया गया। प्रकरण में शुक्रवार को सुनवाई है। प्रशासन ने आधे अधूरे कार्यों की रिपोर्ट अनुश्रवण समिति को भेजी है।
रसायन युक्त पानी ने हिंडन और कृष्णा को दूषित कर दिया है। इससे 55 गांवों के कई हजार लोग पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में 17 गांवों में कैंसर के गंभीर रोगी मिले हैं। इनका मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली के अस्पतालों में चल रहा है। हिंडन और कृष्णा नदी से प्रदूषण से लोगों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने क्या कार्रवाई की इस पर शुक्रवार को एनजीटी में सुनवाई है। जिला प्रशासन ने अनुश्रवण समिति को अपनी आख्या भेजी है। स्वास्थ्य विभाग ने अपना पक्ष रखते बताया कि कैंसर नदियों के दूषित पानी से नहीं हुआ। इसका कोई अन्य कारण रहा। सर्वे कराया, इसमें बिनौली, पिलाना और बड़ौत ब्लॉक के गांवों में दर्जनों कैंसर के मरीज मिले। वन विभाग ने बताया कि 23250 पौधे हिंडन और कृष्णा नदी क्षेत्र में लगाए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने बताया रमाला मिल जिस पर पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद 50 हजार रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए अर्थ दंड लगाया । अन्य कोई उद्योग नहीं है। बीएसए ने अपना पक्ष रखा जानजागरूकता रैली के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया। डीपीआरओ ने बताया 55 गांवों में जांच के बाद दूषित पाए गए 555 हैंडपंप को उखवाड़ा दिया, सके बाद कार्रवाई की गई। कृषि विभाग ने बताया किसानों को जैविक खेती के लिए जागरूक किया। उधर सीडीओ पीसी जायसवाल ने कहा कि अनुश्रवण समिति को अनुपालन आख्या भेजी गई है।