छपरौली (बागपत)। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत विश्व भारती विद्यापीठ, छपरौली में योग शिविर का आयोजन किया । योग शिक्षक सरिता चौधरी ने छात्राओं को प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, ताड़ासन, पश्चिमोत्तासन, चक्रासन, सिद्ध आसन, वक्रासन, भुजंगासन, कपाल भांति की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि चक्रासन करने से सांस के रोगों का निदान होता है। यह आंखों के लिए भी अच्छा माना जाता है। चक्रासन सर्वाइकल जैसी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए भी फायदेमंद रहता है। योग से बीमारियां दूर होती है। योग एक या दो दिन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह एक सतत अभ्यास है। इसे नियमित तौर पर दिनचर्या में शामिल करें तो बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। छात्राओं ने भी योग किया। कैंप का उद्घाटन सरिता चौधरी, प्रधानाचार्य देवव्रत शास्त्री, बरखा जैन ने किया। इसमें श्वेता मान, पवन सिंह, राज कुमार, उपेंद्र मान, सद्दाम हुसैन मौजूद रहे।
क्या कहा छात्राओं ने
छात्रा तनु बालियान ने कहा कि योग क्रियाएं कराई गई और कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली। योग से भी बीमारियां दूर की जा सकती है।
रिया ने कहा कि सूर्य नमस्कार और चक्रासन के विषय में जानकारी मिली। इनके फायदे भी उन्हें बताए गए है, यह उपयोगी है।
स्वाति ने कहा कि प्राणायाम के विषय में शिविर में जानकारी दी गई है। दवाईयों के बिना योग से भी बीमारियां पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
आंचल ने कहा कि अनुलोम-विलोम के विषय में जानकारी मिली। वह परिवार को भी इस विषय में जागरूक करेंगी।
आयुषी ने कहा कि कैंप में उन्हें योग और साधना के विषय में जानकारी मिली। बगैर दवाईयों के बीमारियां ठीक हो सकती है।
सियासी खोखर ने कहा कि आंखों और शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए भी योग लाभप्रद हैं। अच्छी जानकारियां मिली।
निधि ने कहा कि सूर्य नमस्कार के विषय में सीखा और कैंप में करके भी दिखाया गया। लाभप्रद जानकारियां मिली।
लक्की ने कहा कि पढ़ाई में भी योग लाभकारी है। ध्यान नियंत्रण करने में भी उपयोगी है। इससे बच्चों को लाभ होगा।
सुनैहा ने कहा कि कैंप में उन्हें अच्छी जानकारियां मिली है। सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और चक्रासन के विषय में जाना।
मुस्कान ने कहा कि कैंप लाभप्रद रहा। बीमारियों से बचाव के लिए दिनचर्या में योग को भी शामिल किया जाना चाहिए।
जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए
छपरौली। कोई भी आसन करने से पहले शरीर को वॉर्म अप कर लें। किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। योग आसन को नियमित रूप से अभ्यास करें और इसे दिनचर्या में शामिल करें। लाभ धीरे-धीरे होता है। सही नियम और सही व्यक्ति के मार्गदर्शन में योग करें। योग खाली पेट करें और योग करने से करीब दो घंटा पहले कुछ नहीं खाना चाहिए। योग अभ्यास धैर्य और दृढ़ता से करें। योग करने के तीस मिनट बाद तक कुछ नहीं खाना चाहिए।