अग्रवाल मंडी टटीरी/छपरौली (बागपत)। बेसहारा गोवंशीय पशुओं को आसरा देने के लिए जिले में मीतली और बदरखा गांव में गोवंश आश्रय स्थलों का शुभारंभ हो गया है। छपरौली और बड़ौत विधायक ने फीता काटकर केंद्र को शुरू कराया। प्रशासन से गोवंशीय पशुओं से निजात दिलाने के लिए निर्देशित किया है।
बेसहारा गोवंशीय पशुओं ने किसानों के साथ-साथ प्रशासन की भी नींद उड़ा रखी है। खेतों की सुरक्षा में किसान लगे हुए थे। सोमवार को जिले में दो गोवंश आश्रय स्थलों को शुरू कराया। बागपत ब्लॉक के मीतली गांव में जहां बड़ौत विधायक केपी मलिक ने विधि विधान के साथ गोवंश आश्रय स्थल का शुभारंभ किया। छपरौली ब्लॉक के बदरखा गांव में विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने फीता काटकर गोवंश आश्रय स्थल को शुरू कराया। छपरौली विधायक ने कहा कि गोवंश को आश्रय मिलेगा और किसानों को बड़ी समस्या से निजात मिल जाएगी। सरकार की यह पहल सराहनीय है। आश्रय स्थल में सैकड़ों गायों को आसरा मिलेगा। सरकार ने किसानों की समस्या का स्थायी समाधान किया है। अधिकांश गांव में इसका निर्माण को कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को गोवंशों की भरण पोषण में भी सहयोग करना है, ताकि इनका जीवन बचाया जा सके। सरकार से जो भी इनके लिए मदद होगी उसे यहां समय पर पहुंचाया जाता रहेगा। आश्रय स्थल के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों में भी खुशी का माहौल है। इसमें प्रभारी सीवीओ बीएस शर्मा, बीडीओ प्रेम सिंह, एडीओ कृष्णपाल मान, राज कुमार प्रधान, संदीप कुमार, वीरेंद्र, अजय कुमार, गौरव तोमर, कृष्ण कुमार, अनुज कुमार भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
मीतली में विधायक केपी मलिक ने कहा कि बेसहारा गोवंशीय पशुओं की समस्या के समाधान को समाज को भी आगे आना होगा। हमारी परंपरा है कि हम जब रोटी बनाते हैं, पहले गाय को रोटी देते हैं, लेकिन अब उल्टा हो रहा है। सरकार गोशाला बना सकती है, लेकिन भरण-पोषण का कार्य हमें करना है। सभी समस्या दूर कराई जाएगी। सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इस दौरान सीडीओ पीसी जायसवाल, भाजपा प्रदेश मंत्री देवेंद्र चौधरी, डीपीआरओ आलोक शर्मा, बीडीओ कृपाल सिंह, ग्राम प्रधान श्रद्धानंद त्यागी, रामपाल धामा, कंवर पाल, मीतली प्रधान सरला देवी, सतीश राणा, सरजीत, मनोज आर्य, प्रियंका आर्य, वीरेंद्र ठाकुर, राजीव शर्मा महनवा मौजूद रहे।
निरपुड़ा में स्कूल से नहीं छोड़े गए गोवंशीय पशु
दोघट (बागपत)। निरपुड़ा गांव में तीन सप्ताह से प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में बंद आवारा गोवंशीय पशुओं को ग्रामीणों ने नहीं छोड़ा। ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। ग्रामीणों बिजेंद्र राणा, नहार सिंह दरोगा ने बताया कि प्रशासन ने एक सप्ताह के अंदर समस्या के समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक समाधान नहीं कराया गया है। जबकि ग्रामीण खुद ही गोवंश के लिए चारे पानी का प्रबंध कर रहे है।