बागपत। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अंबेश को सवा तीन साल पहले जान से मारने की धमकी देने का मामला झूठा साबित हुआ है। आरोपी दंपती को न्यायालय से क्लीन चिट मिल गई। पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को द्वितीय एडीजे स्पेशल एससी/एसटी एक्ट डॉ. मनु कालिया की कोर्ट में स्वीकार किया है।
वर्तमान में कासगंज में तैनात और बागपत में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी रहे उज्जवल अंबेश ने पांच अक्तूबर 2015 को न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर बताया था कि 13 सितंबर को 2015 को उसके मोबाइल पर विनोद शर्मा व उसकी पत्नी निगम शर्मा ने मोबाइल पर गाली गलौज कर जाति सूचक शब्द कहे। जान से मरने की धमकी दी। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने 23 अक्तूबर को दंपती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। विवेचक ने 20 दिसंबर 2015 को आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य ने मिलने पर न्यायालय में फाइनल रिपोर्ट प्रेषित कर दी। न्यायालय में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंगलवार को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष एससी/एसटी एक्ट डॉ. मनु कालिया की कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया। आरोपी दंपती को न्यायालय से क्लीन चिट मिल गई है।