मलकपुर मिल ने 311 में से पांच करोड़ ही किया भुगतान
बागपत। प्रदेश सरकार के 30 नवंबर तक पिछले पेराई सत्र के भुगतान के आश्वासन के बावजूद जिले के किसानों को राहत नहीं मिली है। मलकपुर चीनी मिल ने महज पांच करोड़ 70 लाख रुपये का भुगतान किया है, जबकि मिल पर किसानों के 311 करोड़ रुपये बकाया है। शासन स्तर से मिल को साफ्ट लोन दिए जाने की तैयारी चल रही है।
बागपत के किसान पश्चिम यूपी की 14 चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई करते हैं। किसानों के करीब पांच सौ करोड़ रुपये चीनी मिलों पर बकाया है। अकेले मलकपुर चीनी मिल पर ही करीब 317 करोड़ रुपये से अधिक बकाया था। शुक्रवार को चीनी मिल ने पांच करोड़ 70 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। अब भी चीनी मिल पर 311 करोड़ 84 लाख रुपये बकाया है। चीनी मिल को साफ्ट लोन दिए जाने की फाइल प्रदेश सरकार को भेजी जा चुकी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने गढ़ में 30 नवंबर तक किसानों को भुगतान का एलान किया था। लेकिन जिले के किसानों के हाथ निराशा ही लगी है। अभी पिछले पेराई सत्र का भुगतान पूरा नहीं हो सका है। प्रभारी डीसीओ विनीत कुमार का कहना है कि किस मिल ने शुक्रवार को कितना भ्ुागतान किया, इसके आंकड़े अभी नहीं मिले हैं।
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सरकार को बढ़ाना चाहिए था दाम
दोघट। बामनौली में नरेश डायरेक्टर के आवास पर किसानों की बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि उप्र सरकार ने गन्ने के रेट नहीं बढ़ाए। इससे किसान परेशान हैं। भाजपा सरकार ने किसानों की आय दो गुना करने की घोषणा की थी। लेकिन गन्ने के रेट तक नहीं बढ़ाए गए, तो फिर आय दो गुना कैसे होगी। रामबीर सिंह, दिनेश कुमार, विकास, सहेंद्र, बाबू राम, कृष्णपाल, वीरेंद्र चौधरी, हरेंद्र, योगेंद्र सिंह, रामफल शर्र्मा, गजेंद्र सिंह उपस्थित रहे।