बागपत। फाइलेरिया यानी ‘हाथी पांव’ के सर्वे का अभियान शनिवार को समाप्त हो गया। जिले के 30 स्कूलों के 480 बच्चों की जांच की गई। डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश उपाध्याय ने बताया कि जिले में कोई बच्चा पॉजेटिव नहीं पाया गया है। जिले में सर्वे अभियान के दौरान कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की जांच की गई।
फाइलेरिया यानी ‘हाथी पांव’ जैसी बीमारी से बचाने के लिए शनिवार तक अभियान चलाया। कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की जांच की अभियान में 30 स्कूल शामिल किए, इनमें प्रत्येक स्कूल से 16-16 बच्चों के रक्त का नमूना लेकर जांच की। फाइलेरिया यानी हाथी पांव के सर्वे के लिए स्कूलों में सर्वे अभियान चलाया गया। इस बीमारी से बचाव के लिए शासन ने स्कूलों में अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि यह रोग क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसकी जांच केवल रात में ही की जा सकती है, क्योंकि दिन में स्लाइड में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं हो पाते हैं। अभी तक जिले में इसका एक भी केस नहीं है। बीमारी में पंजों से लेकर पैरों तक सूजन आ जाती है।