बागपत। रूबेला वायरस के खात्मे को स्वास्थ्य विभाग तैयार है। नौ माह से ऊपर ओर 15 साल से कम के बच्चों के लिए अभियान चलाकर टीकाकरण होगा। 26 नवंबर कैंप के माध्यम से इसकी शुरूआत की जाएगी। जिले में करीब छह लाख बच्चों को इस वायरस से बचाव को टीके लगाए जाएंगे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी नीरज त्यागी ने रूबेला वायरस वैसे तो खसरे से हल्का है, लेकिन तीन माह के गर्व के दौरान अगर गर्भ में पल रहा शिशु इसकी चपेट में आ जाता है यह खतरनाक हो जाता है। इससे पीड़ित होने पर दिल में छेद, आंखों की पुतली में डिफेक्ट और अन्य बीमारियां लग जाती है जो शिशु के लिए आगे जलकर नुकसान देय रहती है। नौ माह से ऊपर के बच्चों को भी रूबेला वायरस चपेट में ले लेता है। इससे शरीर पर दाने, हल्का-हल्का सा बुखार, बदन में दर्द होता है। इससे बच्चे को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस वायरस से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। 26 नवंबर से जिले में कैंप लगाकर नौ माह से ऊपर और 15 साल से कम के बच्चों को टीकाकरण होगा। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। जिले में बच्चों करीब-करीब सर्वे भी करा लिया गया है। जिले में लगभग छह लाख से ऊपर बच्चों को टीकाकरण किया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने कहा कि वैसे तो बच्चों के लिए हर बीमारी बड़ी है। इसके लिए सभी को जागरूक होना होगा।