बड़ौत (बागपत)।
किसान अधिकार आंदोलन के कार्यकर्ता आवारा गोवंश को लेकर तहसील पहुंचे और धरना देकर मुख्यमंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उन्होंने चार बछड़े भी एसडीएम को सौंपे।
किसान अधिकार आंदोलन के संयोजक नरेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और एसडीएम कार्यालय के बाहर गोवंश बांध दिए और धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि आवारा गोवंश के लिए गऊशाला नहीं सरकारी तंत्र के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक एक गाय व उसके परिवार को पालने की नीति शासन द्वारा बनाई जाए। बिजली के बिलों में बढ़ोत्तरी तुरंत वापस लिए जाए। ऋण मोचन योजना में पहली किस्त के बाद पात्र लोगों को बैंकों द्वारा आरसी जारी कर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें ऋण मुक्त किया जाए। चौगामा नहर का निर्माण कराकर उसमें नियमित तौर पर पानी छोड़ा जाए। गन्ने का बकाया भुगतान ब्याज सहित 14 दिनों में उनके खातों में भिजवाया जाए। प्रत्येक शिक्षित युवक को रोजगार की गारंटी दी जाए। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और उन्हें गोवंश भी भेंट किया। उन्होंने चेतावनी दी कि 13 फरवरी तक समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो वे चौगामा प्याऊ पर पंचायत में आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस मौके पर प्रताप सूबेदार, विक्रम सिंह आर्य, शिव कुमार, बजलती सिंह आर्य, धर्मपाल नंगला, साहब सिंह राणा, भागमल, धीर सिंह तोमर, डॉ. कृपाल सिंह, रामफल, जयवीर आदि मौजूद रहे।