चांदीनगर। टूटी पूर्वी यमुना नहर की पटरी ग्रामीणों के चिंता का कारण बनती जा रही है। डगरपुर गांव में पानी भरना शुरू हो गया और विनयपुर गांव में फसलें नहर के पानी से लबालब है। प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है। ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की मुंड में हैं।
चार दिन से पूर्र्वी यमुना नहर की पटरी टूटी पड़ी है। नहर के पानी खेतों में जाने से दर्जनों किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। नर्सरी में कीमती पौधे नष्ट हो गए। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बन रही है। डगरपुर गांव में हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं। नहर का पानी गांव में पहुंच गया है। गलियों में पानी भरना शुरू हो गया है। जल निकासी का कोई साधन नहीं है। लोगों को परेशानी हो रही है। शिकायत की, लेकिन अफसरों का ध्यान नहीं है।
वहीं विनयपुर गांव में भी हालत कुछ इसी तरह के हैं। किसानों के खेतों में कई-कई फुट तक पानी भर चुका है। इससे फसलें बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। अभी भी पानी खेतों में चल रहा है। शिकायत करने के बाद भी सिंचाई विभाग के अफसर नहीं पहुंच रहे हैं। खेकड़ा एसडीएम को भी इसकी जानकारी दी। किसानों की पीड़ा को कोई सुनने को तैयार नहीं है।
ग्रामीण अमित, अजय बंसल, अरुण, प्रतियुश बंसल, रामबीर, हरिओम, संजय, प्रदीप ने कहा बर्बाद फसलों का मुआवजा और शीघ्र नहर की पटरी नहीं सही कराई तो इसके विरोध में कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन होगा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता डीके त्यागी ने बताया सफाई के कारण किसानों ने रजवाहे बंद कर दिए हैं। इस कारण नहर की पट्टी टूट रही है। बृहस्पतिवार को समस्या का समाधान कराया जाएगा।