दोबारा होगा ओबीसी का रैपिड सर्वे
बागपत। प्रदेश में अन्य पिछड़े वर्ग का दोबारा से रैपिड सर्वे होगा। डेढ़ माह पूर्व हुए सर्वे में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर सरकार ने यह कदम उठाया है। इसके लिए नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने जनपद के अफसरों को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। इससे चुनाव की तैयारी में लगे संभावित प्रत्याशी बेचैन हो गए हैं। इससे वार्डों के आरक्षण भी बदल सकते है।
नगर निकाय चुनाव में वार्डों का आरक्षण तय करने के लिए शासन ने अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) का सर्वे किया था। सरकार के पास एससी-एसटी वर्ग की आबादी का तो आकड़ा है। लेकिन ओबीसी का नहीं। इसलिए वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर अप्रैल माह में सर्वे हुआ था। अफसरों ने सर्वे पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। इसमें अनियमितता की शासन तक शिकायत पहुंच गई। जनपदीय अफसरों के पास भी लगातार शिकायतें की गई थीं। बागपत में एक स्थान पर तो इसको लेकर अफसर और जनप्रतिनिधि आमने-सामने भी आ गए थे। मामला पुलिस तक पहुंच गया था। इस पूरे मामले का शासन ने संज्ञान लिया। सरकार ने मामला गंभीर मानते हुए दोबारा से सर्वे कराने का निर्णय लिया।
प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने अफसरों को पत्र जारी करते हुए दोबारा रैपिड सर्वे कराने के निर्देश दिए। बताया गया कि सर्वे 45 दिन में कराना होगा। इसकी लगातार मॉनीटरिंग की जाए। समय-समय पर क्रॉस चेकिंग भी की जाए। ताकि कोई गलती करता है तो पकड़ा जाए। इसका पता चलते ही संभावित प्रत्याशियों की धड़कने बढ़ गई है। बागपत नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ललित कुमार आर्य का कहना है कि ओबीसी का रैपिड सर्वे दोबारा पूरे प्रदेश में होगा। शासन के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।