बागपत। गांवों को कुपोषण से मुक्ति के लिए सुपोषित गांव के चयन हेतु मानक निर्धारित किए गए थे। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने डीएम और सीडीओ को बिना कुछ बताए 31 गांवों की सूची को निदेशालय को भेज दी गई है। सीडीओ ने समीक्षा करते हुए डीपीओ को नोटिस जारी कर मानक और गांवों की सूची मांगी है।
शासन ने कुपोषण में कमी लाने के लिए सुपोषित गांवों का चयन करने के लिए निर्देशित किया है। इसके लिए मानक निर्धारित किए थे। डीपीओ ने गांव का चयन तो किया, लेकिन न तो डीएम को इसकी जानकारी दी और न ही सीडीओ को। उनकी जानकारी के बिना ही सूची निदेशालय को भेज दी है। सीडीओ पीसी जायसवाल को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत डीपीओ को नोटिस जारी किया। इस कार्य को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि पत्रावलियों का परीक्षण करने के बाद पता चला कि सुपोषित गांवों के चयन के आधार का कोई अभिलेखी साक्ष्य नहीं पाए गए हैं। महानिदेशक राज्य पोषण मिशन ने पत्र मंडलायुक्त एवं डीएम को संबोधित किया है, लेकिन उनके संज्ञान में डाले बिना ही अपने स्तर से सुपोषित गांवों का चयन कर सूची निदेशालय को भेज दी गई है जो बहुत ही आपत्तिजनक एवं खेदजनक है। सीडीओ पीसी जायसवाल ने डीपीओ को निर्देशित किया कि सुपोषित गांवों का चयन किस आधार पर किया गया है। परियोजनावार चयन के आधार के मानक को जल्द कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी।
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चयनित किए गए सुपोषित गांव
आदर्श नंगला, ककड़ीपुर, शेरपुर, काकोर कलां, हलालपुर, सोंटी, गल्हैता, तितरौदा, फजलपुर, सांकल पुट्ठी, मेवला, मवीखुर्द, सिखैड़ा, दौलतपुर, ओगटी सौदपुर, ब्राह्मण पुट्ठी, गौरीपुर हबीबपुर, पाली, फैजुल्लापुर, बाघू, सिंगौली तगा, निरोजपुर एम्मा, नंगला बहलोलपुर, डूंडाहेड़ा, मेहरामपुर, भेड़ापुर, जागोस, रुस्तमपुर, किशनपुर, बाम मौजूद शामिल है।