बागपत। फसल ऋण मोचन योजना से 1461 वंचित किसानों में से 780 को बैंकों ने अपात्र घोषित कर दिया। इनमें से ऐसे 55 किसान शामिल है जिन्होंने दोबारा लाभ लेने के लिए आवेदन किया। बचे हुए 681 कृषकों का अब राजस्व विभाग सत्यापन करेंगे।
फसल ऋण मोचन योजना के लिए जिले में करीब 24 हजार कृषक योजना से लाभान्वित हुए। सैकड़ों किसान ऐसे रहे, जिन्होंने अफसरों को शिकायत कर खुद को पात्र बताया और बैंक, राजस्व विभाग द्वारा अपात्र घोषित करने का आरोप लगाया। सरकार ने शिकायतों का संज्ञान लिया ओर दोबारा से कृषकों के लिए फसल ऋण मोचन योजना के तहत हेल्प डेस्क के माध्यम से आवेदन लिए गए। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में 1461 कृषकों ने इसके लिए अपने विभाग के अनुसार आवेदन किए। कृषि विभाग ने बैंकों से सभी आवेदन का सत्यापन कराया। बैंकों के सत्यापन में करीब 780 कृषकों को अपात्र घोषित कर दिया। इसमें ऐसे 55 कृषक भी शामिल हैं, जिन्होंने पूर्व में योजना का लाभ ले लिया और दोबारा से आवेदन किया । अब बचे 681 कृषकों का सत्यापन राजस्व विभाग की ओर से कराने के लिए सूची भेज दी है। उनके कार्रवाई में भी अपात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की कार्रवाई के चलते इस ऋण मोचन में थोड़ी धीमी गति चल रही है। जल्द इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
योजना से ऐसे अपात्र हुए किसान
बागपत। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसे कृषक जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2016-17 (एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017) में अपने समस्त ऋण का प्रति भुगतान कर दिया हो। जिनके पास दो हेक्टेयर से अधिक भूमि है, 31 मार्च 2016 के बाद ऋण लिया हो और जिनका खाता 31 मार्च 2016 के बाद एनपीए हुआ है। ऐसे किसान जिनके द्वारा एक ही कृषि भूमि पर एक ही उद्देश्य के लिए एक से अधिक बैंकों से ऋण लिया गया हो। पूर्व में एक लाख रुपये की राशि से लाभान्वित हो चुके हैं। ऐसे किसान जिन्होंने भूमि विकास बैंक से लोन लिया है, योजना के पात्र नहीं है। एनपीए समाधान योजना में आधार अनिवार्य है। ऐसे कृषक जिनके एनपीए खाते में आधार कार्ड संलग्न नहीं है।