बागपत। आंगनबाड़ियों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी पर गलत तरीके से गैरहाजिरी लगाने के आरोप लगाए हैं। दूसरी तरफ डीपीओ ने कहा जांच के दौरान राशन आंगनबाड़ी केंद्रों के बजाए आंगनबाड़ियों के मकान में मिला, इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष सुषमा गुर्जर ने बताया कि 14 दिसंबर को डीपीओ ने 12 आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकांश आंगनबाड़ी मिजिल्स रुबेला टीकाकरण अभियान में छूटे बच्चों का सर्वे करने में गई हुई थी। आरोप है कि गलत तरीके से सभी को अनुपस्थित दर्शा दिया। आरोप लगाया जो आंगनबाड़ी केंद्र में टीकाकरण का सूची बना रही थी, उसके रजिस्टर जब्त कर लिया गया। डीएम से मामले की शिकायत की। सुनीता रंगा, सुषमा शर्मा, रचना शर्मा, पवित्रा, दर्शना शर्मा, श्रमिष्ठा, क्षमा, सतवीरी, रजनी, इंद्रेश, सीमा जैन, रेखा, मुनेश, पिंकी, रेखा चौहान आदि रहे।
उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी बीना बजाज ने कहा कि जो भी आरोप लगाए वह गलत है। निरीक्षण के दौरान पोषाहार में अनियमितता मिली है। केंद्र के लिए जो पोषाहार दिया था, वह अधिकांश आंगनबाड़ियों के मकान में मिला है। बच्चों की संख्या कम मिली है, जबकि ज्यादा संख्या में पोषाहार लिया। निरीक्षण के दौरान 12 में से तीन केंद्र खुले मिले, बाकी पर ताला लटका मिले, जो खुले थे, वहां एक-दो बच्चे ही थे और ज्यादा पोषाहार लिया। इस संबंध में रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।