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सिंडिकेट बैंक के शाखा प्रबंधक की सुझबुझ से पकड़ा गया 25 लाख का फर्जीवाड

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बड़ौत (बागपत)। सिंडिकेट बैंक की मुख्य शाखा में एक व्यक्ति ने चेक स्कैन और प्रिंट कर 25 लाख रुपये निकालने पहुंचा तो बैंक शाखा के प्रबंधक को शक हुआ। उन्होंने इसकी सूचना छपरौली ब्लाक पर तैनात सचिव को दी। चेक फर्जी पाए जाने पर बैंक अधिकारियों ने युवक को पकड़ लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत मेें लिया।
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छपरौली ब्लाक मेें तैनात सचिव गौरव खोखर ने 12 सितंबर को लूंब गांव के प्रधान कृष्णपाल को मानदेय का 35 सौ रुपये का चेक जारी किया था। बुधवार को सिंडिकेट बैंक लूंब में गौरव खोखर चेक की एंट्री कराने पहुंचे। तभी सिंडिकेट बैंक शाखा बड़ौत के प्रबंधक हुशनेन्द्र ने उन्हें फोन कर बताया कि एक युवक 25 लाख रुपये का चेक लेकर आया है, जिस पर प्रधान व सचिव की मोहर भी लगी है। इस पर सचिव गौरव अन्य सचिवों के साथ बैंक शाखा बड़ौत पर पहुंचे। युवक द्वारा लाए गए चेक का नंबर वही था जो सचिव ने प्रधान को दिया था। फर्जी चेक पर प्रधान की मोहर सही थी, लेकिन सचिव की फर्जी मोहर का इस्तेमाल किया गया था। यह चेक स्कैन और प्रिंट करके निकाला गया था, जिस पर 3500 रुपये की जगह 25 लाख रुपये अंकित थे। सचिव द्वारा चेक फर्जी बताए जाने पर शाखा प्रबंधक ने लीगल एडवाइजर विनोद कुमार जैन एडवोकेट व पुलिस को बुलाया। जांच में चेक फर्जी पाया गया। बैंक अधिकारियों ने युवक को पुलिस को सौंप दिया है। शाखा प्रबंधक द्वारा इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी गयी है। पकड़े गए युवक ने अपना नाम शमीम निवासी चौधरान बड़ौत बताया है। उसने बताया कि एक व्यक्ति ने यह चेक उसे 50 हजार रुपये का लालच देकर भुगतान कराने दिया था।
इस संबंध में शाखा प्रबंधक हुशनेन्द्र का कहना था कि युवक द्वारा लाए गए फर्जी चेक में दर्ज की गई 25 लाख की धनराशि व बाद में युवक द्वारा किए हस्ताक्षरों का मिलान न होने पर शक हुआ और जांच में फर्जीवाड़ा पाया गया।
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सचिव गौरव खोखर ने का कहना था कि उन्होंने यह चेक 12 सितंबर में प्रधान को दिया था। पकडे़ गए बदमाश के पास चेक कैसे पहुंचा, यह जांच का विषय है। वे इस मामले मेें रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। उन्होंने बताया कि जो चेक प्रधान को दिया गया था, फर्जी चेक उसी नंबर का था।
इस संबंध मेें प्रधान सुभाष का यह कहना था कि जो चेक सचिव ने दिया था, वह घर पर रखा था। बदमाश के पास चेक कैसे पहुंचा, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। प्रधान ने बताया कि उस पर उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं।
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