अंजुमन तनजीमे हुसैनी की तरफ से रविवार को कदीमी चेहल्लुम का जुलूस सरायमीर कस्बा स्थित इमाम चौक स्थित इमामबाड़ा से अकीदत के साथ निकाला गया। इस दौरान कर्बला के शहीदों के ताबूतों की जियारत कर अजादार रो पड़े।
जुलूस में या हुसैन की दर्दभरी सदाएं बुलंद होती रहीं। जुलूस का आगाज मजलिस के बाद किया गया। इसके बाद अंजुमन नासिरूल अजा इलाहाबाद, असगरिया गाजीपुर, गुलशने अब्बास मित्तूपुर, इमामिया जलालपुर, मोहिब्बाने हुसैन समंदपुर, स्थानीय अंजुमन तनजीम हुसैनी ने कई स्थानों पर नौहा मातम पेश किया।
खरेवां मोड़ पर जुलूस पहुंचा तो वहां काफी भीड़ जुट गई इस दौरान या हुसैन की सदा से पूरा कस्बा गूंज उठा। इस दौरान थोड़ी देर के लिए वाहनों को रोक दिया गया था।
कई स्थानों पर तकरीर आयोजित की गई। जिसमें मौलाना हसन रजा इमामे जुमा इलाहाबाद, मौलाना तकसीर आबदी बनारस, मौलाना कमाल अख्तर मुंबई, मौलाना मु. तकी नजफी ने मजलिस को खिताब किया।
आखिरी तकरीर करबला पर मौलाना हसन रजा साहब ने किया। जहां करबला में शहीद 72 ताबूत की शबीह निकाली गई।
इस दौरान सभी महिलाओं और पुरूषों की आंखे छलछला गई।
निजामत मु. हुसैन और शहर अरशी जौनपुरी ने किया। शिया कमेटी के अध्यक्ष कायम रजा ने सभी का आभार प्रकट किया। सुरक्षा की दृष्टि से काफी संख्या में पुलिस एंव पीएसी लगाई गई थी।