आजमगढ़। समय पर घर न पहुंचने वाले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब आवेदकों को आरटीओ कार्यालय लखनऊ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। परिवहन आयुक्त ने नियम में बदलाव किया। यह लाइसेंस अब डाकघर से परिवहन आयुक्त कार्यालय के बजाए एआरटीओ कार्यालय भेजे जाएंगे, इससे आवेदकों को आसानी होगी।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों तमाम लोगों के लाइसेंस उनका पता न मिलने या किन्हीं अन्य कारणों से डाक घर से वापस लखनऊ परिवहन आयुक्त के कार्यालय भेज दिए जाते थे। लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है।
एआरटीओ विष्णुदत्त मिश्रा ने बताया कि वापस होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस अब संबंधित जिले के एआरटीओ कार्यालय भेज दिए जाएंगे।
जिस कार्यालय में आवेदक ने अपनी बायोमेट्रिक कराई है उसी में अपना आधार कार्ड दिखाकर प्राप्त कर सकेंगे। बताया कि इस दौरान आवेदक संबंधित अधिकारी के साथ अपनी फोटो खिंचवाएगा, जिसे एक रजिस्टर में चस्पा किया जाएगा, ताकि पुष्टि हो सके कि लाइसेंस आवेदक को ही दिया गया है। संवाद