आजमगढ़। बदलती जीवनशैली में जंक फूड खाने के बढ़ते चलन का असर युवाओं के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन लगभग 10 मरीज पेट और लिवर की समस्या से परेशान होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनकी उम्र 10 से 30 साल तक की है।
फिजिशियन डॉ. आरके कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी में हर दिन लगभग 125 मरीज आते हैं। फास्ट फूड, तले-भुने खाद्य पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक और अनियमित दिनचर्या से पेट की बीमारी हो रही है। जंक फूड ज्यादा खाने से अपच, गैस, कब्ज, आंतों में सूजन और फैटी लीवर की समस्याएं बढ़ रही हैं। जंक फूड में ज्यादा मात्रा में वसा, नमक और मैदा होता है। जो मोटापा, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है। फैटी लीवर की शुरुआती अवस्था में कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखाई देते हैं।
फैटी लिवर के प्रमुख लक्षण
पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन या दर्द।
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना।
भूख कम लगना।
पेट फूलना और गैस बनना।
वजन बढ़ना या मोटापा।
मतली या उल्टी की शिकायत।
गंभीर स्थिति में त्वचा और आंखों का पीला पड़ना।
डॉक्टर की सलाह
जंक फूड और फास्ट फूड का सेवन कम करें।
भोजन में हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करें।
नियमित रूप से व्यायाम या योग करें।
वजन को नियंत्रित रखें।
घर का बना खाना खाएं और पर्याप्त पानी पीएं।
अल्कोहल, कोल्ड ड्रिंक और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों से बचें।
समय पर भोजन करें और देर रात खाने की आदत छोड़ें।
किसी भी लक्षण पर चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।