आजमगढ़। हुनर रंग महोत्सव में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए अभिनेता, लेखक व निर्देश लिलिपुट फारूकी ने गुरुवार की शाम मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि आज कामेडी के नाम पर कुछ कलाकार अश्लीलता को बढ़ावा दे रहे है।
कमेडी में वे अश्लील बातों को डाल कर असली कमेडी जो लोगों को हंसाने-गुदगुदाने का काम करती है को मजाक बना दिया है। वे कमेडी में अश्लीलता के प्रयोग का विरोध करते है। इसके साथ ही उन्होंने राजनीति में अभिनेताओं के उतरने को भी गलत बताया।
उन्होंने कहा कि राजनीति नेताओं के लिए है, इसमें अभिनेताओं के लिए कोई जगह नहीं है। जो भी अभिनेता राजनीति में गया उसकी दुर्दशा ही हुई है। उन्होंने भारतीय सभ्यता व संस्कृति को सबसे बेहतर बनाया और कहा कि भारतीय साहित्य, सभ्यता व धार्मिक ग्रंथो में जो बात है वह किसी पाश्चात्य भाषा संस्कृति में नहीं है।
अपने शारीरिक बनावट को भी उन्होंने भगवान की देन बताया और कहा कि यदि उपर वाला कहीं से कमजोर करता है तो उसे मजबूत बनाने का रास्ता भी वहीं तैयार करता है। आजमगढ़ की बात की जाए तो यह ऋषियों-मुनियों की धरती है।
कई साहित्यकार, विद्वान यहां से निकले है, जिसमें समाज को बहुत कुछ दिया है। यहां के लोग कलाकारों का सम्मन करना जानते है। यहां आकर जो प्यार व सम्मान मिला है, उसे कभी भूला नहीं पाउंगा।
नेपाली लोक नृत्य और नाटकों के नाम रही शाम
आजमगढ़। वेस्ली इंटर कॉलेज में चल रहे हुनर रंग महोत्सव की तीसरी शाम नेपाली लोकनृत्य व आकर्षक नाटकों के मंच के नाम रही। महोत्सव के तीसरी शाम का उद्घाटन बालीवुड अभिनेता, लेखक व निर्देशक लिलीपुट फारूकी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति के साथ हुई शुरू हुई महोत्सव की तीसरी शाम देर रात तक चली।
महोत्सव के तीसरे दिन के कार्यक्रम की शुरूआत हुनर संस्थान के कलाकारों द्वारा मनमोहक घूमर नृत्य से किया गया। इसके बाद असम से आए कलाकारों ने नेपाली नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति कर दर्शकों का मन मोह लिया।
उत्कल संगीत समाज की शीतल शिवांगी व वर्षा वैशाली ने अपनी ओड़िया लोकनृत्य की प्रस्तुति से लोगों का दिल जीत लिया। इसके अलावा नर्तन कल्चर रेपेटरी नलबारी असम, माधव संगीत महाविद्यालय उड़ीसा, नादब्रहम फाउंडेशन नागपुर महाराष्ट्र के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।
नृत्यों के बाद नाटकों का दौर शुरू हुआ। पहली नाट्य प्रस्तुति नाटक ‘प्रलय’की हुई। जिसमें कलाकारों ने सामाजिक समस्या, घोटाला और अपसंस्कृति का मंचन किया। नाटक के प्रमुख पात्रों में चंदन बरूआ, हिरेंद्र मिश्रा, हिरामनी बरूआ, तपन बरूआ आदि शामिल रहे।
इसके बाद नाटक ‘हमारी व्यथा’ की प्रस्तुति हुई। इसमें पावन गंगा नदी में प्रति दिन बीस लाख से अधिक लोगों के धार्मिक स्नान, गंगा नदी में व्याप्त गंदगी, रासायनिक कचरा, नालों का पानी, मानव व पशुओं के लाश के अवशेष आदि से भरी होने की व्यथा को प्रस्तुत किया गया।
इस नाटक के प्रमुख पात्रों में शुभम गौतम, चंद्रभाष सिंह, नैनिका रमोला, माधुरी सिंह, निशा तिवारी, समीक्षा, मोहन सोनी, सुरजीत कुमार, तारा, मृदुल, पंकज, भूपेंद्र आदि शामिल रहे। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल, स्वागताध्यक्ष अभिषेक जायसवाल, मनीष रत्न अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद यादव, रमाकांत वर्मा आदि मौजूद रहे।
सर्वोदय में चल रहे रंग महोत्सव में उड़ रही है दर्शकों की भीड़
आजमगढ़। राष्ट्रीय साहित्य कला संस्थान के तत्वाधान में आयोजित रंग महोत्सव के तीसरे दिन नृत्य नाटिका महिषासुर मर्दिनी की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन हो लिया। सर्वोदय पब्लिक स्कूल में चल रहे इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन के तीसरे दिन का उद्घाटन जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह व अंजना सिंह सेंगर ने 51 दीपों को प्रज्जवलित कर किया।
सांस्कृतिक आयोजन के तीसरे दिन की शुरूआत हरिहरपुर घराने के गायक शंभू नाथ मिश्रा ने अंजना सिंह सेंगर द्वारा लिखित गजल की प्रस्तुति कर किया। इसके पश्चात अंजना सिंह को संस्थान ने कला श्री सम्मान से अलंकृत किया।
सम्मान समारोह के बाद नृत्य व लोकगीत के कार्यक्रमों की शुरूआत हुई। आरडीआई खागा कानपुर, बूम ब्यॉज मिर्जापुर का वेस्टर्न डांस ने लोगों का मनोरंजन किया।
यू ट्यूब चैनल से विख्यात हुए शुक्ला ब्रदर्स की डांस प्रस्तुति, अक्षय नृत्य सम्राट कला मंदिर नागपुर महाराष्ट्र के नृत्य और पंचरंग मुम्बई के भोजपुरी फिल्मों के मशहूर कामेडियन मनोज सिंह अभिनीत नाटक मांस की प्रस्तुति ने लोगों को भाव विभोर कर दिया।
मिर्जापुर से आये इंडियन रॉक एकेडमी की प्रस्तुति महिषासुर मर्दिनी नृत्य नाटिका ने समां बांध दिया। महिषासुर मर्दन की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया। इसके अलावा असम के कलाकारों ने लोकनृत्य बीहू की मनमोहक प्रस्तुति किया।
शारदा नाट्य मंच झारखण्ड की बच्चियों ने कृष्ण और राधा के प्रेम लीला को दर्शाते हुए खुबसूरत नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं विश्वरूपम कला मंच वाराणसी द्वारा दहेज प्रथा पर चोट करता हुआ नाटक बिके हुए आमदी का मंचन किया गया।
अंत में महोत्सव में पहली बार जम्मू कश्मीर से आए समूह थियेटर के कलाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए डोगरी नाटक बाबा जीतमल की प्रस्तुति किया। उड़ान थियेटर राजस्थान की टीम ने नाटक आधी रात के बाद की भावपूर्ण प्रस्तुति किया।
कार्यक्रम के दौरान सीपी भट्ट, राहुल श्रीवास्तव, संजय पांडेय, अभिषेक जायसवाल, राजेंद्र प्रसाद यादव, सिद्धार्थ सिंह, नीलिमा श्रीवास्तव, विजय लक्ष्मी मिश्रा, डॉ. प्रवेश सिंह, प्रवीन सिंह, राघवेंद्र मिश्रा, शरद गुप्ता, संतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।