आजमगढ़। जनपद में विगत चार दिनों से पड़ रही ठंड में और इजाफा हो गया है। सुबह के समय पूरा जनपद घने कोहरे से ढंका हुआ था। गलन के कारण लोग घरों में दुबकने केे विवश हुए।
दोपहर बाद निकली धूप ने लोगों को राहत जरूर पहुंचाई लेकिन शाम के समय दिन ढलने से पूर्व सूर्य की किरणें निस्तेज हो गई। जिसके कारण गलन काफी बढ़ गई। बढ़ी गलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने दो दिन के लिए जिले सभी एक से लेकर आठ तक के विद्यालयों को बंद करने का निर्देश दिया है।
ठंड और गलन धीरे-धीरे अपने चरम पर पहुंच गई है। कोहरे और गलन के कारण क्या आदमी, पशु-पक्षी, जानवर सभी परेशान हैं। सोमवार को शुरू हुआ कोहरा दो दिन बहुत कम देखने को मिला लेकिन बुधवार को निकली धूप के बाद गुरुवार को कोहरे ने अपना प्रचंड रूप धारण कर लिया।
सुबह जब लोगों की आंख खुली तो कोहरे ने उन्हें अपने आगोश में ले रखा था। कोहरे के साथ बढ़ी गलन से हर कोई बेचैन दिखा। लोग अलाव जलाकर शरीर की कंपकंपी को दूर करने में लगे रहे। जिसको कोई काम नहीं था वह रजाई में ही दुबका रहा।
जो लोग किसी कार्य से बाहर निकले उनकी नजरें भी अलाव को ही तलाशती रही। ठंड के बाद भी विद्यालयों के समय में परिवर्तन न होने गुरुवार की सुबह छोटे बच्चे ठिठुरते हुए विद्यालय जाते देखे गए। दोपहर बाद निकली धूप ने लोगों को राहत पहुंचाई हर कोई धूप में खड़ा शरीर को गर्म करता नजर आया।
लेकिन शाम होते ही गलन इतनी ज्यादा बढ़ गई कि लोग घरों में दुबकने को विवश हो गए। वहीं ठंड के कारण जिला प्रशासन ने कक्षा एक से लेकर आठ तक के समस्त सरकारी और प्राइवेट विद्यालयों को बंद करने का निर्देश जारी किया है।
लेकिन इस दौरान शिक्षकों की विद्यालय पर उपस्थिति अनिवार्य होगी। नगर क्षेत्र नगरपालिका प्रशासन द्वारा जगह-जगह अलाव जलाए जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है।