आजमगढ़। पॉजिटिव मिलने वाले मरीजों को दो से तीन घंटे के अंदर ही आइसोलेट कर दिए जाने का निर्देश शासन से है। डीएम स्वयं पॉजिटिव मिले मरीजों को दो घंटे के अंदर आइसोलेशन में भेजने का निर्देश दे रखे है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। शहर में पॉजिटिव मिले मरीज को आइसोलेट किए जाने में स्वास्थ्य विभाग को 18 घंटे लग गए। वहीं पॉजिटिव मिला मरीज स्वयं स्वास्थ्य विभाग व मीडिया कर्मियों को फोन कर खुद को आइसोलेट कराए जाने की गुहार लगाता रहा।
जिले में शुक्रवार को एक मुश्त 25 पॉजिटिव मरीज मिले। इनमें एक मरीज शहर के कालीनगंज क्षेत्र का भी रहने वाला था। इसकी रिपोर्ट शुक्रवार की शाम छह बजे के लगभग आई। इसने स्वयं प्राइवेट लैब पर अपनी जांच कराई थी। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद इसने स्वयं स्वास्थ्य विभाग को फोन कर आइसोलेट किए जाने को कहा। पूरी रात वह घर रहा। मरीज को भी अपने परिवार की चिंता थी कि कहीं उससे कोरोना का संक्रमण परिवार के अन्य सदस्यों को भी अपनी चपेट में न ले ले। शनिवार की सुबह 10 बजे के बाद एक बार फिर उसने स्वास्थ्य विभाग को फोन किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम 18 घंटे बाद लगभग 12 बजे उसे लेने के लिए घर पर पहुंची और घर से आइसोलेशन सेंटर पर ले जाकर आइसोलेट कराया।
डीएम का फरमान भी हवा-हवाई
आजमगढ़। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने शुक्रवार को ही डायट पर बने कंट्रोल रूप का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य महकमे को निर्देशित किया था कि पॉजिटिव मिले मरीजों को दो घंटे के अंदर ही आइसोलेट करा दिया जाए। डीएम के इस निर्देश का भी स्वास्थ्य महकमा धज्जियां उड़ा रहा है। निश्चित तौर पर स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही जनपद वासियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।
ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। कालीनगंज वाले मरीज की रिपोर्ट देर शाम आई थी, उस समय मुख्यमंत्री की वीसी चल रही थी। रात ज्यादा हो जाने के चलते मरीज को रात में आइसोलेट नहीं कराया जा सका। सुबह टीम को भेज कर मरीज को आइसोलेट करा दिया गया है।
- डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़।