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पुलिस की चूक के चलते हुई एलआईसी एजेंट की हत्या

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आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के नरसिंहपुर गौरी का पूरा गांव निवासी एलआईसी एजेंट की हत्या सिर्फ पुलिस महकमे की चूक कही जा सकती है। पुलिस ने जिस तरीके की ढिलाई दिखाई है उससे उसकी करतूत जगजाहिर हो रही है। दो दिन पूर्व एलआईसी एजेंट को बंधक बना कर पड़ोस के गांव में मार-पीटा जाता है। इसकी वीडियो भी वायरल होता है। घटना की सूचना पुलिस को दी जाती है। पुलिस उसे छुड़ा कर लाती है, लेकिन बंधक बना कर पीटने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है।
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दो दिनों बाद एलआईसी एजेंट की लाश तमसा नदी के किनारे पड़ी मिलती है। अब अपनी कमियों को छुपाने के लिए पुलिस बंधक बनाकर पीटने वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पूरे प्रकरण की शुरूआत से ही सीओ बूढ़नपुर शीतला प्रसाद और एसओ अहरौला को जानकारी थी। इसके बाद भी पुलिस ने पीटने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की। फोन पर ही समझौते की कवायद में जुटे रहे। ग्रामीणों में चर्चा है कि यदि सीओ व एसओ उसी दिन आरोपियों पर कार्रवाई किए होते तो शायद सुरेंद्र की हत्या नहीं हुई होती।
पुत्र की तहरीर पर आठ नामजद
अहरौला। मृतक सुरेंद्र के बड़े पुत्र पवन विश्वकर्मा ने शुक्रवार को ही आठ लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दे दी थी। पीएम में सिर में चोट के साथ ही कंधा व चेहरे पर चोट के निशान है और हत्या की पुष्टि भी हुई है। पुलिस ने मृतक के पुत्र की तहरीर के आधार पर कटवा गांव निवासी मनोज कुमार, विक्की, अभिनंदन, अशोक, राजेश, विनोद, हरिनाथ व रामदास पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
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अपनी चूक मानने को तैयार नहीं सीओ
आजमगढ़। सीओ शीतला प्रसाद पुलिस की कोई चूक मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि बंधक बना कर पीटने की सूचना एक सिपाही को दी गई थी और बाद में प्रधान ने छोड़ दिए जाने की बात कही। इसके चलते पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब मुकदमा दर्ज करा दिया गया है और सभी को जेल भेजा जाएगा। पुलिस की कहीं से कोई चूक नहीं है। लाश नदी किनारे मिली है, लेकिन यह कैसे हुआ, हत्या कहा की गई और लाश को वहां कब फेका गया यह सब जांच का विषय है।
प्रकरण में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। हर बिंदु पर जांच पड़ताल की जा रही है। हो सकता है कि बंधक बना कर पीटने वालों ने उसकी हत्या की हो अथवा किसी और ने की हो। जहां तक पुलिस के चूक की बात की जा रही है तो इसकी भी जांच कराई जा रही है। विवेचना के बाद ही जो तथ्य सामने आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - सिद्धार्थ, एसपी ग्रामीण
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