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काम से निकालने पर मजदूरों ने प्लांट का मुख्य गेट बंद कर ट्रकों को रोका

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Workers stopped trucks at the plant's main gate when they were removed from work - फोटो : AZAMGARH
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सठियांव। ब्लाक के ग्रामसभा फखरुद्दीनपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए लगाए गए प्लांट से हटाने का आरोप लगाते हुए मजदूर बुधवार को मुख्य गेट पर परिवार के साथ बैठ गए। बाहर से आने वाले ट्रकों को अंदर नहीं जाने दिया। खुद माल उतारने की मांग करने लगे। वहीं, कार्यदायी संस्था इन्हें अपना मजदूर मानने से इंकार कर रही है।
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लॉक डाउन में मजदूरों के सामने भूखमरी की समस्या को देखते हुए उन्हें उन्हीं के गांव में रोजगार दिलाने के दावे प्रशासन की ओर से किए जा रहे हैं। वहीं कार्यदायी संस्था किसी भी दशा में मजदूरों से काम न कराने की बात कह रहा है। साइट इंचार्ज दीपक कुमार ने बताया कि इन लोगों ने कभी हमारे यहां काम नहीं किया है। शुरुआत में जब प्लांट लगाया जा रहा था और मशीनें नहीं लग पाई थी तब कुछ लोगों ने काम किया था। जो माल लेबर तीन घंटे में उतारते हैं, उसे हमारी मशीन 15 मिनट में उतार देती है। दो साल में ही हमें प्रोजेक्ट पूरा करके तैयार कर देना है।
मजदूर फखरुद्दीनपुर मुसहर बस्ती निवासी कमलेश, सुनील, राजन, अभिषेक, विक्की, कल्लू, हरेंद्र, विनोद, सुरेंद्र, अनिल, मुराली, रामभवन ने बताया कि लॉकडाउन के पहले हम लोगों से काम लिया जाता था। लॉकडाउन में काम बंद करा दिया गया। फिर जब एक जून से चालू हुआ तो हमसे काम नहीं कराया जा रहा है। मशीनों से माल उतरवाया जा रहा है। कार्य न मिलने से आक्रोशित मजदूर परिवार के साथ मुख्य गेट पर बैठ गए। लदे हुए ट्रकों को अंदर जाने से रोक दिया। देर शाम तक ट्रकों की लंबी कतार लग गई। रात लगभग 11 बजे मयफोर्स थानाध्यक्ष पहुंचे। सभी ट्रकों को अंदर करा दिया। बृहस्पतिवार की सुबह भी मजदूर परिजनों के साथ मुख्य गेट पर बैठ गए और काम पर लगाने की मांग की।
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