लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में पुलिसकर्मियों से मारपीट के बाद पुलिस ने ग्राम प्रधान समेत आधा दर्जन लोगों के घरों में तोड़फोड़ की थी। इसके खिलाफ महिलाओं ने शनिवार से अनिश्चितकालीन धरने की शुरूआत कर दी। उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी लाखों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है और जब तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा।
मंगारी बाजार में 29 जून को दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों की भी ग्रामीणों ने पिटाई कर दी थी। इसके बाद पुलिस की टीम गांव में पहुंची और प्रधान पति मुन्ना पासवान समेत आधा दर्जन लोगों के घरों के दरवाजे-खिड़की तक उखाड़ दिए। आरोप है कि जीसीबी लगाकर तोड़फोड़ की गई। इस मामले में पुलिस ने 16 नामजद समेत 100 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। गांव के सभी पुरुष घर छोड़ कर फरार है। गांव की सुनीता सहित अन्य महिलाओं ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो शनिवार से गांव की सैकड़ों महिलाओं ने गांव में ही अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कर दी। वे दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं और चेतावनी दी है कि जब तक कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवारों के हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलता तब तक धरना चलता रहेगा। धरना देने वालों में सुनीता, मैनी, लीलावती, लालती, प्रभावती, चंपा, प्रियंका, मंजू शामिल हैं।