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लापरवाही! ऑपरेशन करने के बाद डॉक्टरों ने महिलाओं के साथ किया ऐसा सुलूक कि जान रह जाएंगे हौरान

Thu, 15 Feb 2018 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /आजमगढ़
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अहरौला में नसबंदी के बाद बेड के अभाव में दरी पर आपरेशन के बाद लिटाई गई महिलाएं। - फोटो : amar ujala
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सरकारी अस्पतालों पर नसबंदी के बाद महिलाओं को अनदेखी का क्रम रूकने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ दिनों पूर्व सीएचसी हरैया पर जहां आपरेशन के बाद एक ही बेड पर दो-दो महिलाओं को सुलाया गया था तो वहीं अब सीएचसी अहरौला पर नसबंदी आपरेशन कराने वाली महिलाओं को सीधे जमीन पर ही लिटा दिया गया। तीस बेड के अस्पताल में एक भी बेड उपलब्ध नहीं मिला।
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ब्लाक मुख्यालय पर पूर्व में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र था, जिसे ग्रामीणों की सुविधा के लिए शासन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील कर दिया। इस अस्पताल पर तीस बेड की व्यवस्था है लेकिन बुधवार को अस्पताल पर एक भी बेड उपलब्ध नहीं दिखायी दिया। बुधवार को अस्पताल पर नसबंदी कैंप का आयोजन था। जिसमें चालीस की संख्या में महिलाए अपरेशन के लिए पहुंची थी।

आपरेशन के बाद नसबंदी कराने वाली महिलाओं को अस्पताल परिसर में जमीन पर ही लिटा दिया जा रहा था और अस्पताल स्टाफ के बजाए महिलाओं को लानी वाली आशा बहुएं उनकी देख रेख कर रही थी। सबसे बड़ी समस्या तो यह भी है कि सुबह की बजाय शाम में आपरेशन शुरू किया जाता है, जिसके चलते रात दस बजे तक यहां आपरेशन होता रहता है ।
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इस दौरान अस्पताल पर बाहर से अपरेशन करने आये सर्जन के अलावा अस्पताल का स्टाफ मौजूद नहीं रहता है। सीएचसी प्रभारी डॉ. अजय कुमार यादव स्वयं अस्पताल पर नहीं उपलब्ध होते है। लाइट कट जाने की स्थिति में मोमबत्ती आदि की रोशनी में आपरेशन करना पड़ता है क्योकि अस्पताल पर अब तक जनरेटर की भी व्यवस्था स्वास्थ्य महकमें ने नहीं की है।

बेड के बारे में पूछे जाने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी ने फार्मासिस्ट से बेड की स्थिति पूछ कर बताने की बात कही। चालीस महिलाओं का आपरेशन उनके अस्पताल में हो रहा था और वे स्वयं मौके से नदारद थे।

ऐसा नहीं हो सकता है कि 30 बेड के सीएचसी पर बेड नहीं हो। आपरेशन के दौरान नसबंदी कराने वाली महिलाओं को बेड उपलब्ध कराने का निर्देश है। यदि अस्पताल में बेड नहीं था तो अस्पताल प्रशासन को टेंट हाऊस आदि से व्यवस्था करनी चाहिए। इस मामले की जांच करायी जाएगी और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। डॉ. एसके तिवारी, सीएमओ, आजमगढ़।
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