गुजरात के सूरत से आजमगढ़ जिले में पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन में एक महिला ने बिना डॉक्टर-नर्स के ही बच्ची को जन्म दिया। बोगी में मौजूद दो अन्य महिलाओं ने उसकी मदद की और आजमगढ़ पहुंचने पर मां-बेटी की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद दोनों को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आजमगढ़ जिले के विकास खंड सठियांव के आझौली गांव निवासी दीनानाथ रोजीरोटी के लिए गुजरात के सूरत में परिवार के साथ रहता था। उसकी पत्नी गभर्वती थी और डिलेवरी का अंतिम समय चल रहा था। लॉकडाउन के चलते बृहस्पतिवार को सूरत से चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में अपनी गर्भवती पत्नी चंद्रकला को लेकर आ रहा था।
रास्ते में देर रात 11 बजे चंद्रकला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। चलती ट्रेन में डॉक्टर व नर्स की तो कोई व्यवस्था थी नहीं। चंद्रकला प्रसव पीड़ा से ट्रेन में ही तड़पने लगी। इस बीच बोगी में बैठी दो अन्य महिलाएं आगे आई और उसे नार्मल डिलेवरी के लिए मदद की। रात 12 बजे चलती ट्रेन में ही चंद्रकला ने एक बेटी को जन्म दिया।
परेशानी के बीच बेटी के जन्म पर बोगी में सवार लोगों ने चलती ट्रेन में ही जश्न मनाया। शुक्रवार की शाम ट्रेन के आजमगढ़ स्टेशन पर पहुंचने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मां-बेटी की थर्मल स्क्रीनिंग की और फिर दोनों को एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल भेज कर भर्ती कराया।