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जालंधर से आजमगढ़ पहुंचे 1159 प्रवासी, प्रशासन ने लाई-गुड़ तो बीआरडी ने बांटा बिस्किट-पानी

Fri, 08 May 2020 02:42 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
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ट्रेन से उतरने के बाद लाइन से लगे यात्री - फोटो : amar ujala
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लगातार दूसरे दिन पंजाब के एक और शहर जालंधर से 1159 प्रवासियों को लेकर शुक्रवार को श्रमिक स्पेशल आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंची। जिला प्रशासन, पुलिस, रेलवे और स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही तैयारी की गई थी। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद पहले से तैयार खड़ी बसों से उनके गंतव्य तक पहुंचाकर होम क्वारंटीन कर दिया गया।

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इस ट्रेन में भी 70 से 80 फीसद लोग आजमगढ़ के थे। कुछ पड़ोसी जनपदों के निवासी थी, जिन्हें भेजने के लिए प्रबंध किया जा रहा था। स्टेशन पर पहुंचने पर यात्रियों को लाई, गुड़ के साथ ही बिस्किट और पानी उपलब्ध कराया गया। इससे पहले गुरुवार को पंजाब के पटियाला से आई श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 1234 प्रवासी जनपद में आए थे। अभी दोपहर में एक बजे लगभग 1200 प्रवासियों को लेकर गुजरात के सूरत से एक स्पेशल ट्रेन पहुंची। 

हालांकि इन यात्रियों को लेने के लिए स्टेशन पर कोई नहीं आया था, लेकिन ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचे पर यात्रियों के चेहरे पर अपने घर पहुंचने की खुशी साफ नजर आ रही थी। जिलाधिकारी एनपी सिंह भी ट्रेन के पहुंचने पर स्टेशन पहुंचे। यात्रियों से बात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। साथ ही कहा कि सभी यात्रियों को पहुंचाने के साथ ही उन्हें 15 दिन के लिए राशन का एक किट भी दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से यात्रियों को नाश्ते के लिए लाई, ग़़ुड़ उपलब्ध कराया गया।
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वहीं, स्वयंसेवी संस्था भारत रक्षा दल की ओर से यात्रियों को बिस्किट और पानी वितरित किया गया। श्रमिक स्पेशल पहुंचने से पहले बी प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी थी। एक-एक तर यात्रियों को बोगियों से उतारा गया। उनकी डीटेल लेने के बाद आगे के लिए रवाना किया गया। सर्कुलेटिग एरिया से लेकर प्लेटफार्म तक पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

यात्रियों ने बताया कि जालंधर से ट्रेन दोपहर में 12 बजे रवाना हुई थी। वहां उन्हें रोटी और सब्जी उपलब्ध कराई गई थी। शाम सात बजे ट्रेन के मुरादाबाद पहुंचने पर खिचड़ी और पानी दिया गया। रास्ते में भोजन और पानी को लेकर थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। घर पहुंच गए इसके सामने ये परेशानी कुछ भी नहीं है। इससे ज्यादा परेशानी जालंधर में हो रही थी। खाने आदि के लिए समस्या खड़ी हो गई थी। हमारे सामने भी पैसा खत्म होने के बाद रोटी का संकट उत्पन्न हो गया था। 

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