आजमगढ़। मुबारकपुर बुनाई का रेशमी कारोबार अपने अस्तित्व के लिए पिछले दो दशकों से लगातार जूझता रहा। प्रदेश सरकार की बीसी सखी योजना लागू होने से बुनकरों में एक उम्मीद की किरन जगी है। अब सरकार जनपद के मंदुरी हवाई अड्डे से उड़ान शुरू करने जा रही है। जिससे मुबारकपुर कस्बे के बुनकरों और रेशमी साड़ी के कारोबारियों ने व्यवसाय पटरी पर लौटने की उम्मीद जगी है। मुबारकपुर रेशमी कारोबार काफी दिनों से बदहाल था। हथकरघा से बुनकरों का मोह भंगा हो चला था। हथकरघा बंद करके लोग पावर लूम लगाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे थे। लेकिन मुबारकपुर में वीसी सखी योजना जबसे लागू हुई है। लगभग चार हजार हथकरघा फिर से चालू हुए हैं। इस योजना में बुनकर को डीबीटी (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर) के तहत बुनकर को नकद खाते मजदूरी दी जाती है। मुबारकपुर में बुनाई का कारोबार व्यापारियों के न आने के कारण भी यह दम तोड़ रहा था। लेकिन जबसे सरकार ने मंदुरी हवाई अड्डे के संचालन की तैयारी शुरू की गई है। कस्बे के बुनकरों और कारोबारियों को एक उम्मीद जगी है कि ट्रांसपोटेशन की कमी के कारण जो व्यापारी यहां तक नहीं पहुंच पाते थे। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के बाद मंदुरी एयरपोर्ट के शुरू होने पर वह सीधे बुनकरों और कारोबारियों तक पहुंचेंगे। जिससे बदहाल हो चुके रेशमी साड़ी के कारोबार को पंख लगने की उम्मीद बढ़ गई है। इस सूचना मात्र से ही इसके कारोबारियों में खुशी व्याप्त है।
बोले बुनकर कारोबारी
कारोबारी फारूख आजमी ने बताया कि मंदुरी हवाई अड्डा चालू होने के बाद मुबारकपुर में बुनकरों का माल खरीदने के लिए व्यापारियों का आवागमन पुन: शुरू हो सकता है। बुनकर का काम मुबारकपुर में बाजार व व्यापारी के अभाव में कारोबार ठप हो गया था। लेकिन एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने के बाद इसे फिरसे शुरू होने की उम्मीद है। वहीं इफ्तेखार अहमद ने बताया कि सरकार बुनकरों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाकर स्वास्थ्य लाभ देने जा रही है। इसके अलावा बुनकरों को शादी अनुदान व बच्चों के शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति देने पर विचार कर रही है। ऐसे में मुबारकपुर का कारोबार एअर मार्ग से जुड़ने पर काफी लाभदायक साबित हो सकता है। कारोबारी इरशाद अहमद ने बताया कि मंदुरी हवाई अड्डा चालू हो जाने से सरकार का यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर एकोनामी बनाने का सपना साकार होता नजर आ रहा है। इसके चालू होने के बाद हमारे कस्बे में जिन व्यापारियों का आना बंद हो गया था वह शुरू हो सकता है। उधर मुजफ्फरुल इस्लाम ने कहा कि मुबारकपुर रेशमी कारोबार भी बेरोजगार को रोजगार देने का एक संसाधन है। एक समय था जब यहां लोग रोजगार के लिए आते थे। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और मंदुरी एयरपोर्ट से संचालन शुरू होने के बाद इसके पुराने दिन लौटने की उम्मीद है।