शासन की ओर से नागरिकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए जनसुनवाई और ऑनलाइन शिकायत की सुविधा दी गई है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट में पहुंचते हैं। लेकिन 70 फीसदी फरियादी समस्याओं के निस्तारण से असंतुष्ट हैं।
जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। छह अधिकारियों को ऑनलाइन निस्तारित होने वाले मामले में जांच रिपोर्ट की पड़ताल की विभागवार जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी अधिकारी माह के प्रथम सप्ताह में कम से कम 10 निस्तारण की पड़ताल कर शिकायत प्रकोष्ठ को अवगत कराएंगे। इसके साथ ही ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर और आपरेटर शत प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से निस्तारण के संबंध में जानकारी लेंगे।
आईजीआरएस पर अपलोड होने वाली शिकायतों पर अधिकारियों की ओर से दर्ज की जाने वाली आख्याएं को देखने से प्रतीत हो रहा है कि ये सरसरी तौर पर निस्तारित करने के उद्देश्य से और गोलमोल अंकित की जा रही हैं। इससे शिकायत प्रकोष्ट में तैनात आपरेटर जब निस्तरण के संबंध में शिकायतकर्ता को फोनकर कर जानकारी लेते हैं तो निस्तारण से असंतुष्टि जाहिर कर देते हैं।
इससे साफ है कि शासन की ओर से जिस उद्देश्य से इसे तैयार किया गया है वो पूरा नहीं हो पा रहा है। मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया तो उन्होंने इसे काफी गंभीरता से लिया है। साफ कहा कि गोलमोल निस्तारण स्वीकार्य नहीं है। इससे जनपद की रैकिंग पर भी असर पड़ता है। साथ ही मुख्यमंत्री स्वयं शिकायतों के गुणवत्तापूर्वक निस्तारण की समीक्षा करते हैं। शासन से स्वयं शिकायतकर्ताओं को फोन कर इसकी जानकारी ले रहा है।
शिकायतों सही निस्तारण की जांच के लिए जिलाधिकारी ने छह अधिकारियों को विभागवार नामित कर दिया है। मुख्य विकास अधिकारी, एसपी की ओर से नामित नोडल अधिकारी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, एडीएम प्रशासन, मुख्य राजस्व अधिकारी, अतिरिक्त अधिकारी प्रथम को आवंटित तहसील एनं विभाग से संबंधित जांच रिपोर्ट की रैंडम जांच कर प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में 10 निस्तारण के संबंध में अपना विवरण शिकायत प्रकोष्ठ में अवगत कराएंगे।
इनको मिली इस विभाग की जिम्मेदारी
-सीडीओ-सभी बीडीओ, पंचायती राज, सभी अभियंत्रण विद्युत, जलनिगम, विकास विभाग के अन्य कार्यालय,।
-नोडल अधिकारी एसपी-पुलिस विभाग के सभी संदर्भ।
-एडीएम प्रशासन-तहसील मेंहनगर और मार्टीनगंज के मामले, जिन विभागों के प्रभारी अधिकारी हैं उनके संदर्भ।
-एडीएम वित्त एवं राजस्व-तहसील सदर, निजामाबाद के संदर्भ, जिन विभागों के प्रभारी अधिकारी हैं उनके संदर्भ।
-सीआरओ- तहसील सगड़ी और लालगंज के संदर्भ, जिन विभागों के प्रभारी अधिकारी हैं उनके संदर्भ।
-अधिकारी प्रथम माह-तहसील फूलपुर और बूढ़नपुर के संदर्भ।
सभी शिकायतों के बारे में लें जानकारी
ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर और शिकायत प्रकोष्ठ में तैनात कंप्यूटर आपरेटरों को शिकायत करने वाले शत प्रतिशत शिकायतकर्ताओं को फोन कर निस्तारण की जानकारी प्राप्त करने और फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए हैं। यदि शिकायत का निस्तारण सही नहीं हुआ है तो संबंधित जांच अधिकारी को अवगत कराएंगे।
कई शिकायतकर्ताओं की ओर से निस्तारण के प्रति असंतोष जताया जा रहा है। इसके साथ ही कई निस्तारण गुणवत्तापूर्ण नहीं मिले थे। इस पर निस्तारण की रैंडम जांच की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई है। कोशिश है कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो सके।
सीबी सिंह, जिलाधिकारी