निस्वां इंटर कालेज में मुशायरे का शुभारंभ करते अतिथि।
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आजमगढ़। डॉ असद गजनवी और अधिवक्ता मोहम्मद अजफर की याद में मुहल्ला पहाड़पुर स्थित निस्वां इंटर कालेज में शनिवार की रात आयोजित आल इंडिया कवि सम्मेलन और मुशायरे में शायरों ने अपने कलाम से हंसाया भी और सोचने पर मजबूर भी किया।
दीप जलाकर और शायरों का स्वागत करके समारोह की शुरुआत की गई। मुस्लिम रिलिफ कमेटी के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। शंकर कैमुरी ने नातिया कलाम से मुशायरे का आगाज किया। कहा कि ‘उठाओ हाथों में जब कलम तुम, दरुद लिख दो, सलाम लिख दो’। मुज्जफ्फरनगर के खुर्शीद हैदर ने पढ़ा‘इस अकीदत से बढ़कर कोई अकीदत होती, तू अगर दोस्त न होते तो मुहब्बत न होती।’ हास्य और व्यंग्य केे शायर अचानक मऊ ने कोरोना काल की रचना सुनाई। उनकी पंक्ति ‘ क्यों ख्वाब में भी नजर नहीं आते, लाक डाउन में फंस गए हो क्या ’ पर खूब तालियां बजीं। कानपुर की शाइस्ता सना ने ‘हर एक मौसम की पहचान में रहती हूं, खुश्बू बनकर मैं पहचान में रहती हूं’ सुनाया। सहारनपुर के डॉ नदीम शाद, असद आजमी, सावन शुक्ला, मैकस आजमी ने गजलें सुनाईं। लोगों ने भोर तक मुशायरे का लुत्फ उठाया। मुशायरे की सदारत बदरे आलम सिद्दीकी ने की। संचालन इकबाल असहर ने किया। प्रबंधक तारिक ख्वाजा, शेख अहमद मसूद, मोहम्मद आबिद, डा.कलीम अमजद, अदील अमजद एडवोकेट, मोहम्मद आसमर खान, एहसान अहमद, मोहम्मद आसिम, सैयद शमशाद अहमद, मोहम्मद साजिद, ख्वाजा ओवेदुल्ला, आसिफ असद अंसारी, मुदस्सिर ने आयोजन में सहयोग किया।