मंडल में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। हालांकि अभी 15 जून तक खरीद होनी है लेकिन किसान के पास गेहूं ही नहीं बचा है। इसके कारण खरीद का प्रतिशत नहीं बढ़ पा रहा है।
आजमगढ़ मंडल में लक्ष्य के सापेक्ष 31.12 प्रतिशत गेहूं की खरीद हो सकी है। संभागीय खाद्य नियंत्रक राजीव कुमार मिश्र ने बताया कि समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से गेहूं खरीदने के लिए इस बार आजमगढ़ मंडल को 100500 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है।
लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत खरीद करने के लिए मंडल के तीनों जनपदों में विभिन्न एजेंसियों के 202 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन क्रय केंद्रों पर बीते 17 मार्च से खरीद चल रही है। वहीं, किसानों से सीधे संपर्क कर गेहूं खरीदने के लिए मोबाइल क्रय केंद्र संचालित हैं।
गेहूं की कटाई- मड़ाई के दौरान अप्रैल माह में कुछ दिनों तक खरीद का प्रतिशत तेजी से बढ़ा लेकिन उसके बाद शिथिल हो गया। गेहूं खरीद के चार दिन और बचे हैं लेकिन अब लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा। क्योंकि, किसानों के पास गेहूं ही नहीं है कि वह क्रय केंद्रों पर बेचें।
मंडल में 7750 किसानों से 100500 लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 31274 एमटी खरीद हुई है। यानी 31.12 प्रतिशत गेहूं खरीदा गया है। कम खरीद के पीछे विभाग के अधिकारी समर्थन मूल्य से अधिक बाजार भाव बता रहे हैं।
इस समय भी 2500 प्रति क्विंटल चल रहा है। व्यापारी किसानों से संपर्क कर नकद देकर उनके घरों के गेहूं उठा लिए। जनपदवार खरीद की स्थिति देखी जाय तो मऊ शुरू से ही अव्वल रहा। संवाद