संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। दिसंबर शुरू हुए एक सप्ताह बीत गए, लेकिन लोगों को कुछ खास ठंड का अहसास नहीं हो रहा है। इसका कारण मौसम वैज्ञानिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होना बता रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों ने आठ दिसंबर तक पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना जताई है। उनका कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ आने पर मैदानी इलाकों में बारिश होगी। इसके बाद ठंड बढ़ेगी।
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश एक भाग है) में इस वर्ष नवंबर माहपिछले 124 वर्षों (1901-2024) में दौरान सबसे गर्म रहा। कहा कि न्यूनतम और अधिकतम तापमान के दृष्टिकोण से देखा जाए तो पिछले 124 वर्षों में दूसरा सबसे गर्म नवंबर माह रहा।
दिसंबर का महीना चल रहा है। अभी तक पश्चिमी विक्षोभ भी नहीं आया है। न ही पहाड़ों पर ज्यादा बर्फबारी हुई है। प्रदेश में 48 घंटे की रफ्तार से पछुआ हवाएं चल रही है। इससे आगामी दिनों में तापमान में थोड़ी और गिरावट आने की संभावना है।
कहा कि पश्चिमी दिशा से उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर बढ़ रहा सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 8-9 दिसंबर के बीच प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इससे प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
बताया कि बारिश के बाद ही तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। कहा कि इस बार ठंड ज्यादा नहीं पड़ेगी। शीतलहर और काेहरे का प्रकोप भी हर बार की तुलना में कम ही रहेगा। लोग सावधानी बरतें।