कलेक्ट्रेट पर घूम रहे हत्या के प्रयास के आरोपी को पुलिस ने पकड़ा।
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आजमगढ़। तरवां थाने के सरायभादी गांव में 12 मार्च की रात हुई हत्या के प्रयास के मामले में नामजद आरोपी मंगलवार को डीएम से फरियाद करने पहुंचा। सूचना मिली कि वो जहर की शीशी साथ लेकर आया है। सूचना पर पुलिस पहुंची तो आरोपी ने भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे कलेक्ट्रेट चौराहे के पास पकड़ लिया। इस दौरान पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस के मुताबिक तरवां थाना क्षेत्र के सरायभादी गांव में 12 मार्च की रात रामनवल यादव के पैर में किसी ने गोली मार दी। उसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले में रामनवल के भाई ने गांव के राधेश्याम यादव, वैभव यादव, अभिषेक, रामसरन, स्वार्थ यादव और कौशल यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। इससे परेशान आरोपी राधेश्याम यादव मंगलवार को डीएम से मिलकर न्याय की गुहार लगाने पहुंचा। तहसील दिवस होने की वजह से डीएम नहीं मिले जबकि उनके दफ्तर के पास फरियादियों की भीड़ थी। इन्हीं लोगों में से किसी ने पुलिस को सूचना दी कि राधेश्याम के पास जहर की शीशी है। इस सूचना से हलाकान सिविल लाइन पुलिस चौकी की पुलिस तत्काल डीएम दफ्तर पहुंचकर राधेश्याम को तलाशने लगी। ये देख राधेश्याम पुलिस से बचने के लिए भागने लगा। पुलिस उसके पीछे दौड़ने लगी। भीड़ वाले स्थान पर पुलिसवालों के दौड़ते हुए घेराबंदी की आवाज लगाने से अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने काफी प्रयास के बाद कलेक्ट्रेट चौराहे से उसे पकड़ लिया। राधेश्याम को शहर कोतवाली में ले जाकर पूछताछ की गई। इसके बाद तरवां थाने की पुलिस के हवाले कर दिया गया। हालांकि पुलिस ने उसके पास जहर की शीशी होने की पुष्टि नहीं की है।
जहर की शीशी की बात गलत है। राधेश्याम के मुताबिक वह मुकदमे में गवाह था, जिसकी वजह से उसे फंसाया गया है। राधेश्याम को तरवां पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले की जांच की जा रही है। जो सही होगा, उसके तहत कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण