विकास खंड पवई के हाजीपुर गांव स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (आरोग्य केंद्र) में दो महीने से पानी भरा है। परिसर में बने कर्मचारियों के आवास और वहां जाने वाला रास्ता भी पानी में डूबा है।
पानी में फिसलकर एक कर्मचारी का हाथ टूट चुका है। जलभराव के बीच गंदगी और झाड़ियों के कारण स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों के लिए संक्रमण और जहरीले जीवों का खतरा बना हुआ है।
बता दें कि केंद्र पर चार माह से चिकित्सक की तैनाती नहीं है। वर्तमान में फार्मासिस्ट अबरार अहमद और स्टाफ नर्स रीना के जिम्मे स्वास्थ्य केंद्र का संचालन है। यहां प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों की ओपीडी होती है, जबकि हर माह 35 से 40 प्रसव भी होते हैं।
स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चिकित्सक समेत कर्मचारियों के लिए पांच आवास बने हैं। बरसात शुरू होने के बाद से पूरा परिसर तालाब में तब्दील है। पेयजल के लिए लगा इंडिया मार्का हैंडपंप, समरसेबल और पानी की टंकी भी पानी में डूबे हैं।
आवास तक पहुंचने वाला रास्ता भी पानी में डूबा है। लंबे समय से पानी जमा होने के कारण कूड़ा सड़ने से दुर्गंध उठ रही है। परिसर में घास और झाड़ियां भी काफी बढ़ गई हैं। कर्मचारियों ने बताया कि जलभराव और झाड़ियों के कारण आए दिन जहरीले जंतु निकलते हैं।
केंद्र पर फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स के अलावा वार्ड आया बदामी, कुक उषा तथा वार्ड ब्वॉय मोहम्मद आकिब और सचिन प्रजापति की तैनाती है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से जलभराव की समस्या के बावजूद इसके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. जावेद ने बताया कि ग्राम प्रधान से इस संबंध में बात हुई है। सामने पिच मार्ग होने के कारण उसे तोड़ा नहीं जा सकता। चकमार्ग को तोड़ने से भी आवागमन प्रभावित होगा। जल निकासी के लिए पाइप की व्यवस्था कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।