आजमगढ़। अर्धसैनिक बल में फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी वीरेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन आरोपी बार-बार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस की पकड़ से बचता रहा।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मामले की शुरुआत 20 मई 2026 को हुई थी। रानी की सराय थाना क्षेत्र के अंधौरी गांव निवासी पंकज यादव की तहरीर पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की प्राथमिकी दर्ज की गई। विवेचना के दौरान 12 से ज्यादा लोगों के नाम सामने आए। मामले में 12 आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार किया जा चुका है। रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोईलारी खुर्द निवासी मुख्य आरोपी विद्यासागर और वीरेंद्र यादव की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। पुलिस ने वीरेंद्र यादव पर 25 हजार रुपये और विद्यासागर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुख्य आरोपी विद्यासागर की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी दबिश दे रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्यासागर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। जिसे बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
25 हजार रुपये का इनामी आरोपी वीरेंद्र यादव ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। विधिक प्रक्रिया के तहत रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की जाएगी।
- चिराग जैन, एसपी ग्रामीण आजमगढ़।