एक सप्ताह से बिजली संकट झेल रहे लगभग पांच हजार ग्रामीणों को वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली मिलने के बाद शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एफआईआर दर्ज होने की भ्रामक सूचना प्रसारित होने से रोष फैल गया।
बड़ी संख्या में ग्रामीण चिश्तिपुर मार्ग पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि उन्हें एफआईआर नहीं, बल्कि बिजली चाहिए। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और मामले को लेकर की जा रही बयानबाजी पर नाराजगी जताई।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि एक सप्ताह से बिजली न होने के कारण ग्रामीण परेशान थे। विद्युत विभाग से लगातार शिकायत के बाद वैकल्पिक रूप से खंभा लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
ग्रामीणों में प्रधान रामचेत, पूर्व प्रधान सुभाष चंद्र वर्मा, राधेश्याम कनौजिया, सुनील वर्मा, राजेश वर्मा, पुरुषोत्तम गौड़, बेचू कनौजिया, परदेसी गौड़, पुष्पा देवी, तारा विश्वकर्मा, कौशल्या, नीतू गौड़ और संत राजी समेत अन्य ने बिजली संकट को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
इस संदर्भ में जेई मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि सभी को बिजली आपूर्ति करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पानी में खंभा गिरने की मजबूरी थी, जिसके लिए उनके और अन्य अधिकारियों द्वारा लिखित व वीडियो बयान दिया गया था कि पानी सूख जाने के बाद पुनः खंभा खड़ा कर दिया जाएगा। तब तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के अनुसार बिजली व्यवस्था बहाल की गई है और विद्युत आपूर्ति निरंतर जारी रहेगी।