आजमगढ़। व्यक्तिगत शौचालय योजना के आवेदन में एक अविवाहित दिव्यांग महिला को उसके चचेरे भाई की पत्नी दर्शाने के मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष कुमार यादव को निलंबित कर दिया है। मामले में जांच अधिकारी भी नियुक्त कर दिए गए हैं।
मिर्जापुर विकास खंड के बनवीरपुर गांव निवासी सुषमा सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि व्यक्तिगत शौचालय के लिए किए गए आवेदन में ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा उन्हें उनके चचेरे भाई के साथ विवाहित दर्शा दिया गया, जबकि वे अविवाहित एवं दिव्यांग हैं। शिकायतकर्ता ने इससे पहले मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी।
साल 2025 और 2026 में की गई शिकायतों के निस्तारण में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम पंचायत स्तर पर सुषमा सिंह को विवेक सिंह की पत्नी के रूप में दर्ज किया गया था। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि विवेक सिंह शिकायतकर्ता के चचेरे भाई हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा कराए गए भौतिक सत्यापन में शिकायत सही पाई गई। जांच में सामने आया कि ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और पंचायत सहायक द्वारा भ्रामक आख्या प्रस्तुत की गई थी। प्रथम दृष्टया मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष कुमार यादव को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उन्हें विकास खंड फूलपुर से संबद्ध कर दिया गया है। डीपीआरओ पवन कुमार ने बताया कि मामले की विभागीय जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), पवई को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें तीन सप्ताह के भीतर आरोप पत्र तैयार कर सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।