हादसे रोकने के लिए परिवहन विभाग की ओर से सख्त नियम बनाए जा रहे हैं। अब सीएनजी वाहन चालकों को लीकेज टेस्टिंग रिपोर्ट साथ रखनी होगी। वाहन स्वामियों को हर तीन महीने में अधिकृत सेंटर से टेस्टिंग करानी होगी। ताकि सिलिंडर की पावर व लीकेज समय रहते पता चल जाए और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
वर्तमान समय में लोग सीएनजी वाहन ही खरीद रहे हैं। ऐसे में सभी लोगों को लीकेज टेस्टिंग सर्टिफिकेट जरूर बनवाना होगा। अगर वाहनस्वामी ऐसा करता है तो उसका वाहन सीज तक हो सकता है। कारण कि अब सीएनजी वाहन चालकों को लीकेज टेस्टिंग सर्टिफिकेट रखना अनिवार्य है। दरअसल, लापरवाही के कारण सीएनजी वाहन खतरनाक साबित हो रहे हैं। यदि हम अन्य जिलों की बात करें तो कई बार चलती कार में आग लगने से मौत हो जाने की घटनाएं सामने आती हैं। एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र यादव ने बताया कि सभी सीएनजी वाहन स्वामियों को चेतावनी देते हुए कहा कि समय पर सीएनजी वाहनों की लीकेज टेस्टिंग कराएं, अन्यथा की स्थिति में चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगा।