उत्तर प्रदेश में गठबंधन के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में भी एआईएमआईएम इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनना चाहती थी, लेकिन उसे शामिल नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि तथाकथित सेकुलर पार्टियां मुस्लिम लीडरशिप को अछूत समझती हैं। “हमारा वोट तो चाहिए, लेकिन हमारी लीडरशिप स्वीकार नहीं की जाती। हमें तेजपत्ते की तरह इस्तेमाल कर चुनाव के बाद फेंक दिया जाता है,” उन्होंने कहा।
शौकत अली ने स्पष्ट किया कि 2027 में भाजपा को हराने के लिए बनने वाले किसी भी मजबूत गठबंधन का एआईएमआईएम हिस्सा बनना चाहेगी, और इसके लिए सपा या बसपा से गठबंधन की कोशिश की जाएगी। यदि गठबंधन नहीं हुआ तो पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी।
महाराष्ट्र के निकाय चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए शौकत अली ने कहा कि सपा के 37 सांसद, 111 विधायक और कई बड़े नेता पूरी ताकत झोंकने के बावजूद जनता का भरोसा नहीं जीत सके। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में जनता ने सपा नेताओं को करारा जवाब दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता जनार्दन ही सर्वोच्च होती है।
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी बताया कि एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में संगठित है। करीब 75 प्रतिशत संगठन बूथ स्तर तक तैयार हो चुका है, शेष कमियों को 2027 से पहले पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दलित और वंचित समाज तेजी से ओवैसी के साथ जुड़ रहा है और आने वाले पंचायत चुनाव पार्टी पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नदीम आरिफ, जिला संगठन मंत्री सुफियान खान, सदर विधानसभा अध्यक्ष अजमल खान सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।