अंबेडकरनगर पुलिस द्वारा मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद पुलिस ने घटना को स्वीकार किया। कुछ कार्रवाई की गई और भारी मात्रा में अवैध शराब का जखीरा भी बरामद किया गया। सोमवार को जहरीली शराब प्रकरण को लेकर एडीजी जोन बृजभूषण शर्मा का जिले में आगमन हुआ।
उन्होंने पुलिस लाइन सभागार में जिलाधिकारी, एसपी के अलावा सभी सीओ व संबंधित थानाध्यक्षों के साथ इस प्रकरण पर समीक्षा बैठक की। इसके बाद मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि जिले में अब तक जहरीली शराब से आठ मौत की पुष्टि हुई है। पांच अन्य मौत के बारे में परिजनों ने स्पष्ट रूप से बीमारी से मौत बताया है। इसके साथ ही समाचार पत्रों में जो अन्य मृतकों के नाम प्रकाशित हुए हैं। उनकी भी पड़ताल कर मौत का स्पष्ट कारण पता करने का निर्देश डीएम व एसपी को दिया गया है।
एडीजी ने कहा कि पूरे वाराणसी जोन में 10 वर्ष में अवैध शराब कारोबारियों की लगभग 27 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। वहीं 500 से अधिक अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इतना ही नहीं सैकड़ों अवैध शराब कारोबारियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई।
उन्होंने कहा कि जिले में अवैध शराब कारोबारियों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। भारी मात्रा में अवैध शराब पुलिस ने बरामद किया है। कुछ लोग गिरफ्तार कर जेल भी भेजे गए है। आगे भी कार्रवाई चलती रहेगी और पूरा प्रयास होगा कि सभी अवैध शराब कारोबारियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जाए।
वहीं एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि जिले अवैध शराब कारोबार को पूरी तरह नष्ट करने की कवायद जोरशोर से चल रही है। मित्तूपुर में भारी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी की गई है। डेढ़ से दो हजार लीटर कच्चा माल बरामद हुआ है। जिससे 60 से 70 हजार बोतल शराब तैयार हो सकती थी।
इसके अलावा भारी मात्रा में शीशी, ढक्कन, स्टीकर आदि भी बरामद किए गए है। देशी ही नहीं मित्तूपुर के अवैध शराब फैक्टरी में अंग्रेजी शराब की भी डुप्लीकेट तैयार की जा रही थी। उन्होंने बताया कि अब तक सात शराब कारोबारी जेल भेजे जा चुके हैं जबकि आठ वांटेड है, जिनकी तलाश में पुलिस की टीम जुटी हुई है।