ओवरलोड का असर पॉवर हाउसों पर पड़ रहा है। ओवरलोड के कारण बार- बार बिजली ट्रिप कर जा रही है। वहीं, लो वोल्टेज के कारण बिजली के उपकरण भी नहीं चल रहे हैं। मुबारकपुर के मोहब्बतपुर उपकेंद्र की यही हाल है। शाम छह बजे के बाद हर पांच मिनट पर बिजली ट्रिप कर रही है।
लो वोल्टेज की समस्या अलग ही बनी हुई है। इसके कारण सबमर्सिबल, कूलर, पंखा भी नहीं चल पा रहे। ओवरलोड के कारण तीन दिनों में 134 ट्रांसफार्मर डैमेज हो गए। बिजली विभाग के वर्कशाॅप में प्रतिदिन डैमेज ट्रांसफामरों की शिकायत 45 से 46 तक पहुंच जा रही है।
गर्मी में विद्युत व्यवस्था को लेकर जनमानस परेशान है। पवई क्षेत्र में प्रतिदिन कई बार लोगों को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा है। एक दिन में 20 से अधिक बार बिजली गुल होना आम बात हो गई है। छोटे बच्चों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत उपकेंद्र पवई के बेलवाई फीडर पर मंगलवार शाम सात बजे बिजली गुल होने के बाद बुधवार सुबह 7:30 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
फूलपुर में भी भीषण गर्मी में जहां लोग लो वोल्टेज और ट्रिपिंग से परेशान हैं वहीं फाल्ट भी बड़ी समस्या बन जा रही है। बृहस्पतिवार को कस्बा के गल्ला मंडी में सुबह एक फेस उड़ गया जिसके चलते दिन भर मंगलबाजार में बिजली आपूर्ति बाधित रही। गर्म हवा, तल्ख धूप, आग की लपट जैसी महसूस हो रही है।
दिन में तीन रात में पांच घंटे मिल रही बिजली
चक्रपानपुर क्षेत्र में कुल मिलाकर आठ घंटे ही लोगों को बिजली मिल पा रही है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज के कारण लोगों को गर्मी में पेड़ों की छाया में ही दिन गुजरना पड़ है। क्षेत्र के संजीव सिंह ने बताया कि इधर कुछ दिनों से दिन में लगभग तीन और रात में पांच घंटे बिजली मिल पा रही है। गर्मी के मौसम से यह स्थिति और कष्टकारी हो गई है क्योंकि, लो वोल्टेज ने जहां पंखे और कूलर नहीं चल पा रहे वहीं किसान संडा की रोपाई भी नहीं कर पा रहे हैं। दुकानदार रिंटू ने बताया कि बिजली न मिलने से दुकान पर कोई काम भी नहीं हो पा रहा है।
बोले अधिकारी
गर्मी के कारण लोड बढ़ गया है। लोग एसी, कूलर, फ्रीज जैसे उपकरणों का अत्यधिक प्रयोग कर रहे हैं। इसका असर उपकेंद्रों पर लगे पॉवर ट्रांसफार्मर पर पड़ रहा है। ओवरलोड के कारण बार- बार बिजली ट्रिप कर जा रही है। बिजली उपकरणों का लोग थोड़ा कम प्रयोग करें तो आपूर्ति सही हो सकती है। - धीरज कुमार जायसवाल, अधीक्षण अभियंता द्वितीय।
इधर तीन दिनों से गर्मी अधिक पड़ रही है जिसके कारण जिले की बिजली खपत 450 से बढ़कर 480 मेगावाट पहुंच गई है। गर्मी को देखते हुए अभी 10 प्रतिशत और बिजली की खपत बढ़ सकती है। - नवीन चंद्रा, अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन।