शिक्षकों की कमी का तर्क पर भी सवाल
जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी का तर्क भी पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। जिले में करीब 1150 प्रधानाध्यापक, 7533 सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालयों में और 2866 सहायक अध्यापक जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत हैं। इसके बावजूद यदि सचल दल के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं हो सके और शिक्षा मित्र को शामिल करना पड़ा तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
शिक्षकों की कमी के कारण उपलब्ध संसाधनों के आधार पर सचल दल का गठन किया गया है। यदि शिक्षामित्र सचल दल में नहीं लग सकते तो उन्हें हटा दिया जाएगा। - मनोज कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
यूपी बोर्ड परीक्षा को सकुशल और नकलविहीन कराने के लिए जनपद में सचल दलों का गठन किया गया है। माध्यमिक के साथ ही बेसिक में शिक्षकों की कमी नहीं है। इसके बाद भी शिक्षा मित्र लगाया गया है, यह नियम के विरुद्ध है। ऐसे डीआईओएस को नहीं करना चाहिए। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - नवल किशोर, संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़।
डीआईओएस सचल दल में शिक्षा मित्र को लेकर नहीं चल सकते। यदि वह लेकर चल रहे तो गलत कर रहे हैं। इस संबंध में बीएसए को निर्देशित किया जाएगा कि वह आवश्यक कार्रवाई करें। - मनोज कुमार मिश्रा, एडी बेसिक आजमगढ़।