कलेक्ट्रेट पर अपनी मागों को लेकर प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ता।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान आंदोलन से जुड़े किसानों ने सोमवार को रोष मार्च निकाल कर एमएसपी पर कमेटी गठित करने के साथ किसानों की मांग मांगों को पूरा करने की मांग की। इस दौरान किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन, किसान संग्राम समिति, मजदूर-किसान एकता मंच, खेत मजदूर व किसान संग्राम समिति, अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय किसान महासभा, जय किसान आंदोलन के सदस्य अमर शहीद कुंवर सिंह उद्यान में एकत्रित हुए और कलेक्ट्रेट भवन तक रोष-मार्च निकाला। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रभारी अवधराज यादव पर चुनाव के दौरान हमले के बारे में जिलाधिकारी को अवगत कराया। किसान नेताओं ने कहा कि किसान आंदोलन का संविधान व लोकतंत्र पर अटूट विश्वास है। रोष मार्च व ज्ञापन के जरिये हम किसान आंदोलन के साथ सरकार के विश्वासघात और अन्याय को पटल पर लाना चाहते हैं। कहा कि लखीमपुर खीरी कांड के साजिशकर्ता सत्तासीन हैं। किसानों को गाड़ी से कुचलने वाला मंत्री पुत्र आशीष जमानत पर घूम रहा है और शहीद किसानों के पक्ष में खड़े किसानों को बिना जमानत दिए जेलों में सड़ाया जा रहा है। कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने 9 दिसंबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा के नाम एक पत्र में वादा किया था कि एमएसपी सुनिश्चित करने के लिए कमेटी बनायी जाएगी लेकिन सरकार ने न तो कमेटी के गठन की घोषणा की है और न ही कमेटी के स्वरूप के बारे में कोई जानकारी दी है। सरकार का वादा था कि आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापिस लिए जाएंगे। अब तक सिर्फ हरियाणा सरकार ने कुछ कागजी कार्रवाई की है और केस वापस लेने के कुछ आदेश जारी किए हैं। दिल्ली पुलिस ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी की वह 54 में से 17 केस वापस लेगी, लेकिन अभी तक कोई सूचना नहीं है। इस मौके पर दुखहरन राम, विनोद सिंह, रामकरन राम, वेदप्रकाश उपाध्याय, अवधराज यादव, नंदलाल, राहुल विद्यार्थी, राजनेत यादव, तेजबहादुर, सूबेदार यादव रहे।